Kal Ka Mausam 2 September 2026: सितंबर की शुरुआत के साथ देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के चलते बारिश का दायरा बढ़ने वाला है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर परेशानी बढ़ा सकता है। दिल्ली समेत उत्तर भारत से लेकर मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों तक अगले कई दिनों के मौसम को लेकर IMD ने अहम पूर्वानुमान जारी किया है। बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर में है, जबकि इसका पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है।
वहीं, कल गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी तटीय ओडिशा तथा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Well-Marked Low-Pressure Area) अब आज सुबह 8:30 बजे गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी तटीय ओडिशा, झारखंड तथा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है। इसके अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और झारखंड से गुजरने की संभावना है। इसके अलावा, निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर इस निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) से लेकर उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है। वहीं, मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण गुजरात से लेकर गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तक एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। ये दोनों मौसम प्रणालियां आने वाले समय में कई इलाकों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं।
दिल्ली में कल का मौसम
दिल्ली में कल आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा। सुबह से दोपहर तक कई इलाकों में बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली के साथ मध्यम बारिश भी हो सकती है। इसके बाद दोपहर से शाम के बीच एक बार फिर कई क्षेत्रों में हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, दिल्ली में दिन का तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। अधिकतर इलाकों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है। हवाओं की बात करें तो सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दोपहर में हवा की दिशा दक्षिण-पश्चिमी हो जाएगी और रफ्तार घटकर करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। शाम और रात के दौरान भी दक्षिण-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी, जिनकी गति करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान
उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर को मौसम के सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस दिन कई स्थानों पर बारिश होने के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। इस दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। खासकर पूर्वी और पश्चिमी यूपी में मौसम खराब होने की स्थिति में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा सकती है।बिहार में कल के मौसम का हाल
बिहार में कल बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है, जिसके चलते मौसम सामान्य से ज्यादा सक्रिय रह सकता है। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 2 सितंबर को बिहार में बारिश की गतिविधियां खासतौर से उन क्षेत्रों में बढ़ सकती हैं, जहां बादल अधिक सक्रिय रहेंगे। आने वाले दिनों की बात करें तो 4 सितंबर तक बिहार में कहीं-कहीं भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है।
राजस्थान में क्या बारिश होगी?
वहीं राजस्थान के कुछ हिस्सों में कल बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में इस दिन बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रह सकती हैं। राज्य में 2 सितंबर को व्यापक स्तर पर भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, हालांकि अलग-अलग इलाकों में मौसम में बदलाव और हल्की बारिश संभव है। आने वाले दिनों में पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं और 4-5 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों में इस हफ्ते का मौसम
बात अगर पहाड़ी राज्यों की करें तो यहां हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई दिनों तक बरसात जारी रह सकती है। वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के क्षेत्रों में भी 2 सितंबर तक व्यापक बारिश के आसार हैं, जिसके बाद अगले कुछ दिनों में बारिश का दायरा घटकर कुछ स्थानों तक सीमित हो सकता है। हिमाचल प्रदेश में 2 सितंबर को बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। 3 सितंबर तक भारी बारिश का असर रहने के बाद 4-5 सितंबर के दौरान गतिविधियां अपेक्षाकृत सामान्य हो सकती हैं। हालांकि, 6 और 7 सितंबर को कुछ स्थानों पर फिर बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में पूरे सप्ताह मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। 2 से 7 सितंबर के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है और कुछ इलाकों में भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 3 से 7 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में 2 से 7 सितंबर के बीच बारिश की संभावना
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 से 7 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 5 सितंबर के दौरान व्यापक वर्षा के आसार हैं। विदर्भ में 2 से 5 सितंबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 2 से 4 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है, जबकि 5 से 7 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 5 सितंबर के दौरान कुछ जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। विदर्भ में 2 से 4 सितंबर के बीच भी ऐसा मौसम रहने के आसार हैं। भारी बारिश की बात करें तो पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2 और 6 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 7 सितंबर, विदर्भ में 2 और 4 सितंबर तथा छत्तीसगढ़ में 3 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर, पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 4 सितंबर, विदर्भ में 3 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में इस सितंबर भी बारिश का पूर्वानुमान है। अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में 2 से 7 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश हो सकती है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 6 सितंबर के बीच व्यापक बारिश के आसार हैं, जबकि 7 सितंबर को इन राज्यों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में 2 से 5 सितंबर के दौरान कुछ जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। भारी बारिश को लेकर भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश में 2 से 4 सितंबर और फिर 6 से 7 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। असम और मेघालय में 2 से 7 सितंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 5 सितंबर के दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं। अरुणाचल प्रदेश में 5 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
दक्षिण भारत में जमकर होगी बारिश
दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल और तेलंगाना में 2 से 7 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 2 से 4 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है, जबकि 5 से 7 सितंबर के बीच भी कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। लक्षद्वीप में 2 से 3 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश के आसार हैं और 4 से 7 सितंबर के बीच भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 2 से 7 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार रायलसीमा में 2 से 5 सितंबर के बीच गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ यह 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है। उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तेलंगाना में 2 सितंबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 से 3 सितंबर के दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में तेज सतही हवाओं का दौर रह सकता है। रायलसीमा में 2 से 5 सितंबर, जबकि आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 2 सितंबर को तेज हवाओं की स्थिति बनने की संभावना है।
