Kedarnath Cloudburst: केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा के दौरान आज यानी शुक्रवार 11 सितंबर की सुबह मौसम अचानक बिगड़ गया। चिरबासा हेलीपैड के पास बादल फटने के बाद करीब 150 मीटर इलाके में भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से मलबा और बड़े-बड़े पत्थर रास्ते पर आ गए। सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ यात्रा को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। तुरंत मार्ग से मलबा और पत्थर हटाने का काम शुरू किया गया। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने जानकारी दी कि फिलहाल घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
पैदल यात्रियों की आवाजाही शुरू, घोड़े-खच्चर बंद
सुरक्षा जांच और मलबा हटाने के बाद पैदल यात्रियों की आवाजाही एक बार फिर से शुरू कर दी गई है। हालांकि, घोड़े और खच्चरों की आवाजाही फिलहाल बंद रखी गई है। पहाड़ से बोल्डर गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन लगातार इस मार्ग की निगरानी कर रहा है।
प्रशासन की टीमें रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य बनाने में जुटी हैं। यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।
कई जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी आशंका है। कई इलाकों में आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका भी जताई गई है।
इससे पहले कल यानी गुरुवार को राज्य के 10 जिलों में बारिश दर्ज की गई। नैनीताल के कोटाबाग क्षेत्र में बारिश के बाद कई नाले उफान पर आ गए। तेज बहाव में एक निजी बस फंस गई, जिसमें लगभग 20 यात्री सवार थे। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक भी तेज बहाव की चपेट में आता दिखाई दिया। जलस्तर बढ़ने के चलते 20 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर रुक गईं और पानी का बहाव कम होने का इंतजार करना पड़ा।
