Helmet Buying Guide: हेलमेट बाइक या स्कूटर चलाते समय सबसे जरूरी सेफ्टी गियर में से एक है। यही वजह है कि नया हेलमेट खरीदते समय केवल उसके डिजाइन, रंग या लुक पर ध्यान देना सही नहीं है। बाजार में अलग-अलग डिजाइन और कीमत वाले कई हेलमेट उपलब्ध हैं, लेकिन हर हेलमेट आपकी सुरक्षा के लिए समान नहीं हो सकता। हेलमेट खरीदते समय कुछ जरूरी बातों की जांच करना बेहद जरूरी है-
ISI मार्क जरूर देखें
हेलमेट खरीदते समय सबसे पहले यह जांचें कि उस पर ISI मार्क मौजूद है या नहीं। भारत में दोपहिया वाहन चालकों के लिए इस्तेमाल होने वाले हेलमेट में संबंधित सुरक्षा मानकों का पालन होना जरूरी है। सिर्फ ISI जैसा दिखने वाला लोगो देखकर हेलमेट न खरीदें। पैकेजिंग और प्रोडक्ट पर सही मार्किंग और निर्माता से जुड़ी जानकारी भी जांचें।
सही फिटिंग का ध्यान रखें
हेलमेट कितना भी महंगा या मजबूत क्यों न हो, अगर वह सिर पर सही तरीके से फिट नहीं बैठता तो आपकी सुरक्षा पर बात आ सकती है। हेलमेट न तो इतना ढीला होना चाहिए कि सिर हिलाने पर अपनी जगह से खिसक जाए और न ही इतना टाइट कि लंबे समय तक पहनने में परेशानी हो। खरीदते समय हेलमेट पहनकर कुछ मिनट जरूर देखें कि वह आराम से फिट हो रहा है या नहीं।
स्ट्रैप और लॉक की जांच करें
हेलमेट का स्ट्रैप भी सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हेलमेट खरीदते समय चिन स्ट्रैप, बकल और लॉकिंग सिस्टम को जरूर चेक करें। स्ट्रैप आसानी से खुलने वाला या कमजोर नहीं होना चाहिए। हेलमेट पहनने के बाद स्ट्रैप को सही तरीके से लॉक करना भी उतना ही जरूरी है।
हेलमेट की क्वालिटी और वजन देखें
बहुत हल्का या कमजोर महसूस होने वाला हेलमेट सिर्फ इसलिए न खरीदें क्योंकि वह आरामदायक है। हेलमेट की बाहरी शेल, अंदर की पैडिंग और बिल्ड क्वालिटी पर ध्यान दें। साथ ही यह भी देखें कि हेलमेट पहनने के बाद गर्दन पर दबाव तो नहीं पड़ रहा। सही वजन और अच्छी फिटिंग लंबे सफर में आराम बनाए रखने में मदद करती है।
वेंटिलेशन और विजिबिलिटी को न करें नजरअंदाज
हेलमेट में वेंटिलेशन होने से लंबे समय तक इसे पहनना ज्यादा आरामदायक हो सकता है। इसके अलावा वाइजर साफ और अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए, ताकि सामने का रास्ता स्पष्ट दिखाई दे। बहुत ज्यादा खरोंच वाला या धुंधला वाइजर विजिबिलिटी को प्रभावित कर सकता है। रात और बारिश में साफ विजन खास तौर पर जरूरी है।
