Delhi News: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद कार्रवाई लगातार जारी है। दिल्ली नगर निगम (MCD) की ओर से चलाए जा रहे सुरक्षा सर्वे में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। अब तक राजधानी में 1355 पीजी इमारतों का सर्वे किया जा चुका है। इनमें से तीन इमारतों को 'दिखने में ही खतरनाक' (Visibly Dangerous) पाया गया है। इन तीनों बिल्डिंगों में कुल 69 लोग रह रहे थे।
MCD अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे किए गए भवनों में 1304 इमारतें ऐसी मिलीं जिन्हें 'दिखने में सुरक्षित' माना गया। इनमें करीब 26,917 लोग रह रहे हैं। तीन खतरनाक बिल्डिंगें दक्षिण जोन-I में मिली हैं, जहां अभी सर्वे का काम जारी है।
9 PG बिल्डिंगों को बड़े मरम्मत की जरूरत
सर्वे के दौरान नौ PG इमारतें ऐसी भी मिली हैं जिन्हें 'देखने पर ही मरम्मत योग्य' माना गया है। इनमें बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत है। इन इमारतों में लगभग 140 लोग रहते हैं। इनमें से पांच भवन केशवपुरम में हैं, जहां 36 लोग रह रहे हैं। दो भवन नजफगढ़ में मिले, जिनमें 38 लोग रहते हैं, जबकि दक्षिण जोन-II में भी दो इमारतें मिली हैं, जिनमें 66 लोग रह रहे हैं। इसके अलावा 39 PG इमारतों में मामूली मरम्मत की जरूरत पाई गई है। इन इमारतों में कुल 664 लोग रहते हैं।
कई इलाकों में संभावित कमजोर इमारतों की हुई पहचान
MCD के सर्वे में कई ऐसी इमारतें भी सामने आई हैं, जिन्हें संभावित रूप से 'Vulnerable Buildings' की श्रेणी में रखा गया है। सिविल लाइंस में G+4 से अधिक ऊंचाई वाली 21 फ्रेम्ड संरचनाओं की पहचान हुई है, जिनमें 420 लोग रहते हैं।
शाहदरा दक्षिण जोन-II में 57 ऐसी बिल्डिंगें मिली हैं, जिनमें 2,036 लोग रहते हैं। करोल बाग में सात भवनों में 106 लोग, शाहदरा दक्षिण जोन-I में पांच भवनों में 90 लोग और नजफगढ़ में दो भवनों में 20 लोग रहते हैं।
चार दिन में 111 बिल्डिंगों पर हुई कार्रवाई
MCD ने 7 से 10 सितंबर के बीच 111 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। 7 सितंबर को सात, 8 सितंबर को 17, 9 सितंबर को 46 और 10 सितंबर को 41 संपत्तियों पर यह कार्रवाई हुई। इसी दौरान 88 संपत्तियों को सील किया गया। इनमें 7 सितंबर को दो, 8 सितंबर को पांच, 9 सितंबर को 20 और 10 सितंबर को 61 संपत्तियां शामिल हैं।
MCD ने इस दौरान अनधिकृत निर्माण से जुड़े 91 और सीलिंग कार्रवाई से संबंधित 69 कारण बताओ नोटिस जारी किए। इसके अलावा 34 ध्वस्तीकरण आदेश भी जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई सत्य निकेतन हादसे के बाद तेज की गई है। पांच मंजिला PG भवन के गिरने से सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली में PG और अन्य इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर प्रश्न उठे हैं। MCD का यह सर्वे अभी कई जोन में जारी है और कुछ इलाकों के आंकड़े अंतरिम हैं।
