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मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के लिए बड़ा सिक्योरिटी प्लान, चप्पे-चप्पे पर ATS और भारी पुलिस बल तैनात; रूट डायवर्जन लागू

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सावन माह के शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है। लिहाजा प्रशासन ने सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के जवानों को भी तैनात किया है।

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मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा की सुरक्षा में एटीएस तैनात

मुजफ्फरनगर : जिले में बृहस्पतिवार को सालाना कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के जवानों को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पूरे प्रदेश में मार्ग परिवर्तन और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुजफ्फरनगर में मार्ग परिवर्तन योजना के तहत बृहस्पतिवार से ही दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग और गंग नहर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, जबकि चार अगस्त से 12 अगस्त तक इन दोनों रास्तों पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।

कांवड़ यात्रा के तहत लाखों श्रद्धालु श्रावण के महीने में हरिद्वार तथा गंगा के अन्य तटों से जल लेकर अपने गृहनगरों के शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं। इस साल बृहस्पतिवार को शुरू हुई कांवड़ यात्रा 11 अगस्त को संपन्न होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार ने बताया कि यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए कांवड़ मार्गों पर एटीएस, प्रान्तीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) और बाढ़ बचाव इकाइयों समेत लगभग चार हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पारंपरिक कांवड़ मार्गों जैसे, दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग और गंग नहर मार्ग का ही इस्तेमाल करें और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने से परहेज करें।

ये मार्ग रहेंगे डायवर्टेड

मार्ग परिवर्तन के तहत हरिद्वार और सहारनपुर से दिल्ली जाने वाले वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने से पहले मेरठ में देवबंद, पचेंडा, मीरापुर और मवाना के रास्ते भेजा जा रहा है।

मुजफ्फरनगर में सरकारी अस्पतालों और एक मेडिकल कॉलेज में तीर्थयात्रियों के लिए 100 बिस्तर आरक्षित किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुनील तेवतिया ने बताया कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर 45 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं और चौबीसों घंटे इलाज के लिए प्रशिक्षित चिकित्साकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए यात्रा मार्गों पर 78 एम्बुलेंस और 14 बाइक एम्बुलेंस तैनात की गई हैं।

इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को बरेली के सर्किट हाउस में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा ’एक्स’ पर की गयी एक पोस्ट के अनुसार, मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने संयुक्त रूप से बरेली जोन के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की।

पोस्ट के अनुसार, इस बैठक का उद्देश्य कांवड़ यात्रा और श्रावण शिवरात्रि के लिए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और समग्र तैयारियों की समीक्षा करना था। कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक प्रबंध किये हैं, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता से युक्त सीसीटीवी निगरानी, अतिरिक्त बलों की तैनाती, चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस और आपदा प्रतिक्रिया टीमें शामिल हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वार्षिक यात्रा सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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