कानपुर

'कंटाप', से लेकर 'चौकस' और 'पऊवा'...ये हैं Kanpur के वे शब्द जो हर कनपुरियां की जुबां पर रटे हैं

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 31, 2022, 05:35 PM IST

Funny Desi Language of Kanpur, Kanpur Slang Words, Slang of Kanpur: कानपुर की भाषा सबसे अलहदा है। इसमें देसीपन के साथ अपनापन भी है। खासकर "भाभी जी घर पर हैं" टीवी सीरीयल से इस शहर की भाषा अन्य सूबों के शहरों में घर-घर तक पहुंची और लोगों को गुदगुदाया।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Funny Desi Language of Kanpur, Kanpur Slang Words, Slang of Kanpur: यूपी का बड़ा कमर्शियल हब कानपुर शहर कभी मैनचेस्ट ऑफ ईस्ट के तौर पर जाना जाता था। मौजूदा समय में यह अपने न सिर्फ अपने चमड़ा उद्योग, गुटखा की खपत, गंगा और गंदगी के लिए जाना जाता है, बल्कि अपनी देसी और मौजियल भाषा के लिए भी देश भर में मशहूर है। आइए जानते हैं कनपुरिया भाषा के कुछ ऐसे ही मजेदार शब्द जो आपके चेहरे पर हो सकता है मुस्कान ले आएं:

कंटापः कानपुर में थप्पड़/तमाचे को कंटाप कहते हैं। कान के नीचे गाल पर जो टप्प से पड़े और छप जाए, वही कंटाप है। शहर में अच्छे-अच्छे तीसमारखां कंटाप से सही हो जाते हैं!

भौकालः भौकाल या भोकाल का इस्तेमाल रंगबाजी या फिर टशन के लिए किया जाता है। सरल भाषा में आप इसे देसी स्वैग कह सकते हैं। मसलन "फलाने (किसी व्यक्ति) का भौकाल तो एकदम टाइट है।"

चौकसः इस शब्द का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब लोगों को कोई चीज बहुत कमाल की, शानदार या फिर अच्छी लगे। उदाहरण- यार, जैकेट तो बहुत चौकस पहने हो।

चौड़ियानाः बेपरवाह होकर अधिक लोड न लेना या फिर चीजों को अधिक हल्के में लेकर यूं ही टालने को चौड़ियाना भी समझा जाता है।

बकैतः जो आदमी चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर महिमामंडित करे, वह बकैत कहलाता है।

खलीफाः बेवजह में जब कोई अपना आत्मविश्वास झाड़े तब उसे खलीफा करार दिया जाता है।

बकलोलीः बकवास, फालतू और संदर्भ से हटकर इतर मुद्दे पर बात करना बकलोली कहलाती है।

लभेड़ या लेथनः जब कोई कनपुरिया बड़ी दुविधा या समस्या में होता है, तब यह उसके लिए लभेड़ या लेथन होती है।

हिंया आओः जब कोई किसी को पास बुलाता है, तो यहां आने को हियां आओ कहता है।

पऊवाः जो आदमी अपने दंद-फंद, "जुगाड़ टेक्नोलॉजी" और पहुंच के जरिए कोई भी और कैसा भी काम करा ले, वह पउवे वाला कहा जाता है।

मोमियाः पॉलीथीन या पन्नी को मोमिया कहा जाता है।

चिकाईः कानपुर में जब कोई किसी दूसरे का मजाक बनाता है, तब उसे चिकाई कहते हैं।

पेल दीसः पिटाई करने को पेल दीस कहते हैं। उदाहरणः अम्मां तो आज रौनक का जमकर पेल दीनेन।

आंयः जब किसी व्यक्ति को किसी दूसरे की बात समझ नहीं आती या आश्चर्यचकित होता है तब वह आंय का इस्तेमाल करता है।

काम पैंतीस: किसी चीज को बढ़िया से निपटाने या पूरा करने पर काम 35 कहा जाता है।

लुल्लः लुल्ल का मतलब बेवकूफ या नासमझ होता है।

घामः धूप।

जाड़ाः सर्दी को जाड़ा भी कहा जाता है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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