देशभर के अधिकांश राज्यों में मार्च का महीना बीतने तक गर्मी के तेवर ठंडे ही रहेंगे। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक मौसमी गतिविधियां होने का पूर्वानुमान जताया है। अगर अगले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो दक्षिण भारत के एक से दो राज्यों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव रहेगा। वहीं, पूर्वोत्तर के अधिकांश राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान चलने और भारी बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का खतरा रहेगा। लगातार बादलों के बरसने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान बेहद कम रहेगा, जिससे लोगों को सुहावने मौसम का एहसास होगा। आईएमडी ने 26 मार्च से फिर एक नये वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव होने की बात कही है, जिसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के अधिकांश ऊंचाई वाले भागों पर बादलों की आवाजाही रहेगी और हल्की बारिश के साथ बर्फबारी रिकॉर्ड की जाएगी। इधर, उत्तर भारत में 27 मार्च से मौसम करवट लेगा और हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों पर आंधी-बारिश रिकॉर्ड की जाएगी। खराब मौसम के दौरान ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। लिहाजा, लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। फिलहाल, कुछ राज्यों में हीटवेव और तेज गर्मी का अलर्ट है।
राजस्थान में मौसम कैसा है
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर लगातार बना हुआ है, जिसके प्रभाव से तेज हवाएं चलने और बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार को कई जिलों में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे गर्मी का एहसास कम हुआ है। खासकर, दौसा में 9.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम में बदलाव से सबसे अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में और न्यूनतम अलवर में 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने 26-27 मार्च को राज्य के पूर्वी और उत्तरी हिस्से पर हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया है। हालांकि, 28 से 31 मार्च तक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय रहने से मेघ गर्जन, तेज आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के बीच आकाशीय बिजली कड़कने व गिरने का खतरा जताया गया है। फिलहाल, राज्य में एक सप्ताह तक गर्मी से राहत रहेगी।
हरियाणा-पंजाब में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में सक्रिय होने का पूर्वानुमान घोषित किया है, जिसका असर हरियाणा और पंजाब के मौसम पर पड़ेगा। 26 से 28 मार्च तक बादलों की आवाजाही जारी रहेगी और तेज गर्जन के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी। इस दौरान कई भागों पर आंधी के साथ बौछारें गिरेंगी, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बारिश और ओले गिरने से किसानों को बड़े नुकसान की उम्मीद है। हालांकि, दोनों ही राज्यों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
यूपी में कल का मौसम
उत्तर प्रदेश में अगले 2 दिन मौसम साफ रहेगा, लेकिन तापमान में कमी और हवाओं में नमी रहेगी, जिससे गर्मी से राहत रहेगी। लेकिन 26 से 28 मार्च तक एक बार फिर से पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई देगा, जिससे कई जिलों में बादलों की आवाजाही शुरू होगी। मौसम विभाग की मानें तो विक्षोभ का अधिकांश असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हिस्सों पर रहेगा और तेज आंधी के साथ मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। मौसम का असर पूर्वी हिस्सों पर भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और हल्की बारिश से मौसम बदला रहेगा। इस दौरान मेघ गर्जन के साथ ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया है। इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट देखी जाएगी, जिससे मौसम सुहावना रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर में कल मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मौसम काफी सुहावना बना हुआ है। हालांकि, दिन में धूप नजर आ रही है, लेकिन हवाओं में नमी के कारण गर्मी से राहत है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन के मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 26 मार्च से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और बादलों की आवाजाही शुरू होगी। 26 से लेकर 29 मार्च तक रुक-रुक कर तेज हवाएं चलंगे और मेघ गर्जन के साथ बारिश की गतविधियां दर्ज की जाएंगी। हवा और पानी गिरने से पॉल्यूशन के स्तर में बड़ी कमी आएगी, जिससे लोगों को साफ हवा नशीब होगी। कमोबेश ऐसा ही मौसम नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में बना रहने का अनुमान है।
उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट
उत्तराखंड में लगातार मौसम करवट ले रहा है। कई दिनों से बादलों की आवाजाही जारी है और कहीं-कहीं हल्की बारिश से मौसम काफी कूल-कूल है। मौसम विभाग ने पिछले 24 घंटे के दौरान तेज आंधी बारिश और ओलावृष्टि होने की बात कही। वहीं, अगले 48 घंटे बाद फिर से मौसम में बदलाव का पूर्वानुमान जताया है। आईएमडी के मुताबिक, 26 मार्च से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से मौसम पलटेगा और ऊंचाई वाले भागों चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और साथ में बादल बरसेंगे। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने और ओले गिरने का खतरा बना रहेगा। वहीं, 27 और 28 मार्च को भी बारिश की संभावना है। हालांकि, मैदानी भागों पर आंशिक तौर पर बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है, लेकिन पहाड़ों पर इसकी संभावना प्रबल है। फिलहाल, राज्य में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम माइनस की श्रेणी में रिकॉर्ड किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश का मौसम
पहाड़ों पर लगातार पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है, जिसका प्रभाव हिमाचल प्रदेश के ऊपरी हिस्सों पर देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान पर्वतीय हिस्सों रोहतांग दर्जा, लाहौल स्पीति, मनाली, कुल्लू, शिमला समेत कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई और कई स्थानों पर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई, जिससे लोगों को कड़ाके की सर्दी का एहसास हो रहा है। आईएमडी ने बताया कि 26 मार्च से स्ट्रॉग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो रहा है, जिसके असर से कई जिलों में बर्फबारी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, 27-28 मार्च को आसमान साफ दिख सकता है, लेकिन 29 मार्त को फिर से मध्यम स्तर की बारिश से मौसम का मिजाज बदलेगा। हालांकि, मैदानी हिस्सों पर आंशिक असर की संभावना है।
कश्मीर में मौसम कैसा रहेगा
कश्मीर की वादियां अभी गर्मी से मुक्त रहेंगी। लगातार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से मौसमी गतिविधियां जारी हैं। राज्य के कई हिस्सों पर बादल छाए हुए हैं और बारिश-बर्फबारी का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले 2 दिन में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ राज्य के पर्वतीय हिस्सों को प्रभावित करेगा, जिससे बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां तेज होंगी। इस दौरान तेज हवाएं चलेंगी और ओलावृष्टि के साथ आकाशीय बिजली कड़कने का अंदेशा जताया गया है। मौसम में बदलाव से लोगों को सर्दी का एहसास हो रहा है। फिलहाल श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
25 मार्च बुधवार का तापमान
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 16°C | 29°C |
| मुंबई | 26°C | 33°C |
| चंडीगढ़ | 16°C | 28°C |
| कोलकाता | 24°C | 32°C |
| चेन्नई | 25°C | 31°C |
| बेंगलुरू | 21°C | 33°C |
| हैदराबाद | 23°C | 34°C |
| रांची | 19°C | 29°C |
| पटना | 19°C | 32°C |
| लखनऊ | 19°C | 31°C |
| भोपाल | 22°C | 33°C |
| जयपुर | 19°C | 31°C |
| देहरादून | 12°C | 22°C |
| शिमला | 9°C | 18°C |
| कश्मीर | 3°C | 11°C |
हीटवेव क्या है?
मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
