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कल का मौसम 25 April 2025 : लू के थपेड़े करेंगे जीना हराम, गर्मी पर काल-बैशाखी करेगा वार! IMD ने दी बारिश-तूफान की चेतावनी

Kal Ka Mausam, 25 April 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक मौसम के अलग-अलग रंग दिखाई दे रहे हैं। पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में मौसमी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। यहां बादलों के छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। इधर, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, यूपी, राजस्थान और हरियाणा-पंजाब में भीषण लू का अलर्ट जारी है। उधर, पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम खराब होने और काल बैशाखी के एक्टिव होने के आसार हैं।

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कल का मौसम

Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : देश के अधिकतर राज्य भीषण गर्मी की चपेट में हैं। लू और सूरज की तेज चमक से जीना मुहाल हो रखा है। पिछले सप्ताह पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से पहाड़ी राज्यों समेत मैदानी इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ तेज हवाएं और बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट देखी गई थी। लेकिन, अब गर्मी से उत्तर भारत के तमाम राज्य दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा-पंजाब और राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट है। दिन में गर्म हवाएं और खतरनाक होती जा रही हैं। लेकिन, स्काईमेट ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा में अगले कुछ दिनों में काल-बैशाखी के एक्टिव होने से गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। 27 अप्रैल से छिटपुट बारिश की गतिविधियां शुरू होने की बात कही जा रही है। ये गतिविधियां पश्चिम बंगाल और मैदानी इलाकों, पूर्वोत्तर, झारखंड और दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में शुरू होने से बारिश होगी। यह 28 और 29 अप्रैल को भी लोगों को भिगाएगी।

काल बैशाखी क्या है?

काल-बैशाखी भयंकर तूफान का रूप है, जिसके असर से तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और भारी बारिश होती है। प्राकृतिक तौर पर ये तूफान काफी नुकसानदायक होते हैं। अधिकतक ये तूफान छोटा नागपुर क्षेत्र से शुरू होते हैं और झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैलते हैं। अप्रैल और मई के महीने में ये भयंकर तूफान मौसमी गतिविधियों के अति संवेदनशील होते हैं। खासकर, दोपहर के वक्त ये तूफान एक्टिल होते हैं और मौसमी गतिविधियां शुरू होती है कई घंटे तक लगातार जारी रहती हैं।

यूपी कल का मौसम

यूपी में लू थपेड़े अभी से परेशान कर रहे हैं। चिलचिलाती धूप से लोगों का हाल-बेहाल है। दिन में सूरज की तपिश और रात में गर्माहट हो रही है। राज्य की राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, वाराणसी, सुलतानपुर, अमेठी, बाराबंकी, झांसी और आगरा में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने 37 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान है कि प्रदेश में हीटवेव की तीव्रता बढ़ेगी और दिन में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवाएं चलेंगी।

दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम

दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी की मार पड़ रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में लू की रफ्तार बढ़ने की चेतावनी जारी की है। एनसीआर क्षेत्र में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंच रहा है। 25 और 26 अप्रैल को लू और बढ़ेगी। इस दौरान 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। हालांकि, 27 और 28 अप्रैल को पहाड़ों में एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 30 अप्रैल तक आंशिक तौर पर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे गर्मी से त्वरित राहत की उम्मीद है।

बिहार में कैसा रहेगा मौसम

बिहार में इन दिनों तेज धूप के साथ गर्म हवाएं (लू) चल रही है। अधिकतर जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी है। लेकिन, 26 अप्रैल को बिहार के ऊपरी हिस्से से एक चक्रवाती हवाओं का झोंका निकलेगा, जिससे मौसमी गतिविधियां बन सकती है। हो सकता है इस दौरान आंधी के साथ बारिश भी दर्ज की जाए। मौसमी गतिविधियों का असर जमुई, पटना, बांका, भागलपुर, नवादा और औरंगाबाद शामिल हैं।

राजस्थान का मौसम कैसा है?

राजस्थान में आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बीते चौबीस घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक है। राज्य में न्यूनतम तापमान बाड़मेर में 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के ज्यादातर भागों में हवा में आर्द्रता की औसतन 06 से 53 प्रतिशत के मध्य दर्ज की गयी। राज्य में आगामी कुछ दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।

ओडिशा में भीषण गर्मी की चेतावनी

ओडिशा के कई हिस्सों में भीषण गर्मी की चेतावनी जारी है। राज्य में कई स्थानों पर पारा के 40 डिग्री सेल्सियस से पार पहुंच गया है। राज्य के सुंदरगढ़, संबलपुर, सोनपुर, बौध, बोलनगीर और बरगढ़ जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं कालाहांडी, नुआपाड़ा, देवगढ़ और अंगुल जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। आईएमडी ने कहा कि बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, जगतसिंहपुर, पुरी, खुर्दा, नयागढ़, गंजाम, गजपति, क्योंझरगढ़ और ढेंकनाल में मौसम गर्म रहेगा। संबलपुर, सुंदरगढ़, बोलनगीर और मयूरभंज में रात में तापमान अधिक रहेगा।

शहर का नामन्यूनतम तापमानअधिकतम तापमान
मुंबई27 °C33 °C
लखनऊ23 °C42 °C
दिल्ली 22 °C41 °C
पटना24 °C41 °C
भोपाल25 °C39 °C
जयपुर27 °C39 °C
शिमला 9 °C26 °C
देहरादून16 °C23 °C
कश्मीर 3 °C17 °C

कब आएगा प्री मॉनसून?

मध्य भारत के कुछ भागों में अप्रैल से प्री मॉनसून संकेत मिल रहे हैं। इनमें कर्नाटक, बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा, एमपी का पूर्वी भाग, तेलंगाना और पूर्वी भारत में प्री मॉनसून एक्टिव हो सकता है। पहाड़ी राज्य कश्मीर, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से एक बार फिर बादलों की आवाजाही शुरू होगी, जिससे हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। जम्मू-कश्मीर में हल्की बर्फबारी हो सकती है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि इस साल जून से सितंबर तक चलने वाले चार महीने के मानसून सीजन में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस बार संचयी वर्षा दीर्घ अवधि औसत (एलपीए) 87 सेंटीमीटर का 105 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यानी 2025 के मानसून सीजन में लगभग 87 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है। यह सामान्य से अधिक बारिश का संकेत है, जो कृषि और जल संसाधनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

सनबर्न क्या होता है?

गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।

हीटवेव क्या है?

भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।

हॉट डे क्या होता है?

हॉट डे की स्थिति तब होती है, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहता है और न्यूनतम तापमान सामान्य औसत से 5 डिग्री सेल्सियस के बराबर या उससे भी अधिक होता है। इस दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच ये स्थिति देखी जाती है। मौसम विभाग ऐसा तापमान देख हॉट डे घोषित कर देता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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