Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा): पहाड़ों पर जारी भारी बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मैदानी इलाके कड़ाके की सर्दी से ठिठुर रहे हैं। इस बीच मौसम की बेरुखी से सूरज भी अपने घर पर छिपकर बैठ गया है। लिहाजा, उत्तर भारत के तमाम राज्य मध्य प्रदेश, राजस्थान, यूपी-बिहार, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा-पंजाब करीब महीने भर से कड़ाके की ठंड में कैद हैं। खासकर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड, मेघालय के कुछ हिस्सों जारी बर्फबारी का पर्यटक तो मजा ले रहे हैं, लेकिन न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुंचने से लोगों को समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों में पड़ रहा है। इसकी वजह से शीतलहर के साथ कोल्ड डे का अलर्ट भी जारी है। IMD का कहना है जम्मू-कश्मीर में अगले 5 दिन और बर्फबारी होगी। इधर, मैदानी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को भी बादल छाए रहने के साथ छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी। उधर, दक्षिण भारत में भी बारिश के आसार बने हुए हैं। तमिलनाडु में 19 जनवरी तक आंधी के साथ बारिश का अलर्ट है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी परेशान कर सकती है। इसके अतिरिक्त उत्तर भारत में घना कोहरा छाए रहने से रेल, हवाई और सड़क परिवहन पर बुरा असर पड़ रहा है। कोहरे से विजिबिलिटी शून्य होने से ट्रेनें काफी विलंब से चल रही हैं।
दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली में कड़ाके की ठंड के बीच बारिश ने और टेंशन बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने गुरुवार के साथ आगे भी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार रात करीब 11.30 बजे दिल्ली के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हुई और रात 11.30 से सुबह 5.30 बजे के बीच 3.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं, पालम में 8.6 मिलीमीटर, पूसा में 7.5 मिलीमीटर और मयूर विहार में 4 मिलीमीटर बारिश हुई। राजधानी में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री सेल्सियस अधिक मापा गया जो 10.3 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं वायु गुणवत्ता 336 दर्ज की गई जो बहुत खराब श्रेणी में रही।
दिल्ली-एनसीआर में 29 ट्रेनें लेट
दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे और हल्की बारिश की वजह से यातायात प्रभावित हुआ, जिसके कारण 29 ट्रेनें देरी से चलीं और कई उड़ानों पर भी इसका असर देखने को मिला। आईएमडी ने एनसीआर के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है, जिसमें पूरे दिन घना कोहरा और हल्की बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम की संभावित स्थिति ठंड को और बढ़ा सकती है, न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। शुक्रवार की सुबह घना कोहरा छाए रहने की आशंका है, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम रहेगी। आईएमडी ने हल्की बारिश की भी भविष्यवाणी की है, जिससे दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में चल रही शीतलहर और बढ़ सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-4 लागू
दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर ने वायु गुणवत्ता संबंधी चिंताओं को और बढ़ा दिया है। लिहाजा, बुधवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत स्टेज-III ("गंभीर") और स्टेज-IV ("गंभीर") वायु गुणवत्ता उपायों को लागू किया। दिल्ली में बारिश के कारण एक्यूआई में सुधार होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 12 जनवरी को स्टेज-3 प्रतिबंध हटा लिए थे।
कितना प्रदूषण हानिकारक
शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
उत्तर प्रदेश में कल का मौसम
यूपी में भी पहाड़ों पर जारी बर्फबारी का असर देखा जा रहा है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, मेरठ, गाजीपुर, मऊ, बलिया, बस्ती, बहराइच, गोरखपुर, देवरिया, सहारनपुर, अलीगढ़ और आगरा समेत कई जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति है। राज्य में 18 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की सक्रियता के कारण बादल छाए रहने और बारिश की संभावना व्यक्त की गई है, जिससे बाद दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है।
राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा
राजस्थान के कई इलाकों में बूंदाबांदी और बारिश होने के बाद सर्दी और तेज हो गई है। नागौर में सबसे कम, 3.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, हालांकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहा। आने वाले दिनों में कहीं-कहीं पर घने से अति घना कोहरा छाया रहेगा। न्यूनतम तापमान नागौर में 3.7 डिग्री, फतेहपुर में 5.4 डिग्री, गंगानगर में अलवर में 5.8 डिग्री, सिरोही में 6.1 डिग्री और अजमेर में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आईएमडी के मुताबिक, कोटा, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में आगामी 2-3 दिन घना कोहरा छाने की संभावना है। कोहरे के प्रभाव से आगामी दो दिन कहीं-कहीं अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री नीचे जाने की संभावना है। वहीं 22 जनवरी के आसपास एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से फिर बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान है।
बिहार में कब तक रहेगी ठंड
बिहार में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से गलन भरी सर्दी का एहसास हो रहा है। आईएमडी ने पूरे जनवरी माह में इसी तरह की सर्दी के असर जताए हैं। इसके अलावा 19 जनवरी तक पटना, दरभंगा, सहरसा, वैशाली, पूर्णिया, मधुबनी, नालंदा समेत कई जिलों में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। फिलहाल, राज्यों को कड़ाके की सर्दी से छुटकारा नहीं मिलने वाला है।
उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम
उत्तराखंड में बर्फबारी के चलते निचले इलाकों में सर्दी का सितम जारी है। देहरादून में शुरू हुई झमाझम बारिश ने ठंड और बढ़ा दी है। देहरादून नगर निगम शहर में लोगों को ठंड से राहत देने के लिए जगह-जगह अलाव की व्यवस्था की है। आईएमडी ने पहले ही उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिले में बारिश की संभावना जता दी थी। आने वाले दिनों में चारों धामों के अलावा हर्षिल घाटी में बर्फबारी होगी। मौसम विभाग ने कहा कि मौसम एक बार फिर से बदलेगा। मैदानी इलाकों में हो रही बारिश ने ठंड बढ़ेगी।
छत्तीसगढ़ का मौसम कैसा है
छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर में घने कोहरे से सामान्य जनजीवन प्रभावित है। शहर में भारी बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में अच्छी धूप खिलेगी, जिससे ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी, मगर बारिश ने तापमान को और गिरा दिया है। घने कोहरे से सरगुजा संभाग का इलाका पूरी तरह से कोहरे में खोया नजर आएगा। ऐसे में यातायात भी प्रभावित रहेगा। मौसम विभाग ने पहले ही कहा था कि यहां अगले कुछ दिनों तक कोहरे की संभावना है।
पंजाब का मौसम कैसा है
पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज के आसपास बना हुआ है, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। लुधियाना में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था और पटियाला में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पठानकोट में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस, फरीदकोट में छह डिग्री सेल्सियस, गुरदासपुर में 5.7 डिग्री सेल्सियस और बठिंडा में 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है।
हरियाणा में मौसम कैसा है
हरियाणा में भी कड़ाके की सर्दी का सितम जारी है। अंबाला का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस है। सिरसा में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस, रोहतक में 10.4 डिग्री सेल्सियस, करनाल में 10 डिग्री, हिसार में 9.7 डिग्री और भिवानी में 9.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कमोबेश कुछ ऐसा ही मौसम इस सप्ताह बना रहेगा। उधर, फरीदाबाद और गुरुग्राम में बारिश हुई, जबकि चंडीगढ़, पटियाला, एसबीएस नगर और फतेहगढ़ साहिब में हल्की बारिश दर्ज की गई।
हिमाचल प्रदेश में कैसा है मौसम
हिमाचल प्रदेश में ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी जारी है, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है। शिमला समेत कुफरी, नारकंडा संजौली, जाखू में सुबह 6 से 7 बजे हल्की बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी से इलाके बर्फ की चादर से ढका हुए नजर आ रहे हैं। पर्यटकों को एक बार फिर बर्फबारी का लुत्फ लेने का मौका मिल गया है। आईएमडी का कहना है कि लाहौल स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, शिमला, कुल्लू और चंबा की ऊंची चोटियों पर अच्छी बर्फबारी हो सकती है। आगामी चार दिनों तक चंबा, किन्नौर, लाहौल स्पीति में बर्फबारी होने की संभावना जताई है। उधर, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर जिले में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कि अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट और न्यूनतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 20 जनवरी तक हिमाचल प्रदेश में मौसम खराब रहने की आशंका जताई है।
कश्मीर में कैसा रहेगा मौसम
कश्मीर में शीतलहर के प्रकोप से लोग परेशान हैं और घाटी में रात के तापमान में भारी गिरावट देखी जा रही है। आईएमडी ने बताया कि 'स्कीइंग' के लिए प्रसिद्ध उत्तरी कश्मीर के पर्यटक स्थल गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 7.4 डिग्री सेल्सियस नीचे है। काजीगुंड, पंपोर, कोनीबल, कुपवाड़ा, कोकेरनाग में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार घाटी में 18 जनवरी तक बादल की आवाजाही बना रहेगी। ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।
किसे कहते हैं चिल्ला-ए-कलां?
कश्मीर घाटी ‘चिल्ला-ए-कलां’ (सर्वाधिक ठंड की अवधि) की चपेट में है। इसे सर्दियों का सबसे कठिन समय माना जाता है, जो 21 दिसंबर से शुरू हुआ था। ‘चिल्ला-ए-कलां’ की 40 दिनों की अवधि के दौरान बर्फबारी की सबसे अधिक संभावना होती है। ‘चिल्ला-ए-कलां’ 30 जनवरी को समाप्त होता है, उसके बाद 20 दिनों का ‘चिल्ला-ए-खुर्द’ और 10 दिनों का ‘चिल्ला-ए-बच्चा’ होता है।
कोल्ड डे? का असर
उत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में कोल्ड डे का अलर्ट है। तो हम आपतो बताते हैं कि Cold Day क्या होता है? दरअसल, आईएमडी के मुताबिक, कोल्ड डे तब माना जाता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियत कम दर्ज किया जाए। उन दिनों को कोल्ड डे में काउंट करते हैं। इस दौरान दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर नहीं होता है, लिहाजा लोगों को सर्दी से राहत की उम्मीद कम रहती है। इसके अभी और जारी रहने के संकेत हैं।
