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कल का मौसम 16 March 2025 : अंदर रख दीजिए स्वेटर-रजाई, ठंडी की हो गई विदाई; कूलर पंखे की कर लीजिए सफाई; आधी-बारिश का अलर्ट

Kal Ka Mausam, 16 March 2025, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: पहाड़ी राज्यों को छोड़ दें तो मैदानी राज्यों में अब भीषण गर्मी दस्तक देने वाली है। हालांकि, अभी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यूपी, हरियाणा-पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश का पूर्वानुमान है, लेकिन आने वाले सप्ताह में तापमान तेजी के साथ बढ़ेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में अभी बर्फबारी के साथ हल्की बारिश का अलर्ट है।

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कल का मौसम

Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : उत्तर भारत समेत देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम परिवर्तित हो रहा है। ठंड लगभग समाप्ति की कगार पर है। 16 मार्च तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड समेत पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में बर्फबारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट है। बर्फबारी के कारण श्रीनगर समेत ताबो इत्यादि में तापमान माइनस डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा, जिससे अभी वहां ठंडक का एहसास होगा, लेकिन अब मैदानी राज्यों में गर्मी हाल बेहाल करने वाली है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, यूपी, बिहार, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली एनसीआर में चमक गरज के साथ आज तक बारिश का अलर्ट है, लेकिन अगले सप्ताह से तापमान में तेजी के साथ बढ़ोतरी से भीषण गर्मी का एहसास होगा। इसके अतिरिक्त सिक्किम, अरुणाचल, असम, मेघालय, त्रिपुरा में बादलों के गरजने के साथ बारिश होगी।

राजस्थान का मौसम कैसा है?

राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई। बारिश के बाद कुछ हिस्सों में तापमान में एक डिग्री सेल्सियस से लेकर तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार भरतपुर के वैर में 12 मिमी, बयाना, रूपवास, कांमा में नौ मिमी, सीकर में आठ मिमी, अलवर में राजगढ, धौलपुर के मनिया और भरतपुर के नदबई में सात मिमी, भरतपुर के भुसावर में छह मिमी, धौलपुर के सैपऊ में पांच मिमी और अन्य कुछ हिस्सों में चार मिमी से दो मिमी तक बारिश दर्ज की गई। इस दौरान चौमूं, कोटपूतली-बहरोड़, बानसूर सहित कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। कोटा में अधिकतम तापमान 39.1 दर्ज किया गया। आईएमडी राज्य के कुछ जिलों में बारिश और तेज हवाओं के चलने का अनुमान जताया है और कुछ स्थानों पर ओले गिरने की चेतावनी जारी की है।

दिल्ली-एनसीआर में कल का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में होली के दिन बादल बरसे। आईएमडी ने बताया कि शुक्रवार को इस साल का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 7.3 डिग्री अधिक है। आईएमडी ने शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश या बूंदाबांदी का अनुमान जताया है। अभी मौसम में तब्दीली आने की बात कही जा रही है। दिल्ली में इससे पहले 11 मार्च को इस साल का सबसे अधिक तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। विभाग ने कहा कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 34 डिग्री सेल्सियस और 17 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। अनुमान है कि अगले एक दो दिन मौसम सामान्य रहेगा। गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। लेकिन, इस सप्ताह के बाद तापमान में तेजी के साथ बढ़ोतरी होगी।

दिल्ली में कितना प्रदूषण?

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शाम चार बजे के आसपास दिल्ली का एक्यूआई 193 रहा, जो 'मध्यम' श्रेणी में था। शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51-100 को 'संतोषजनक', 101-200 को 'मध्यम', 201-300 को 'खराब', 301-400 को 'बहुत खराब' और 401-500 को 'गंभीर' माना जाता है। माना जा रहा है कि बारिश होने से प्रदूषण से राहत मिलेगी।

हिमाचल प्रदेश में कैसा है मौसम?

हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज हल्की बारिश और हिमपात हुआ। मौसम विभाग ने शुक्रवार शनिवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश या हिमपात होने की संभावना है, तथा शनिवार और रविवार को लाहौल-स्पीति जिले में भारी हिमपात की संभावना है। रविवार तक राज्य में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।

बिहार का मौसम

बिहार में फिलहाल कोई मौसमी एक्टिविटी देखने को नहीं मिलेगी। आने वाले सप्ताह में गर्मी का प्रकोप शुरू होने वाला है। मार्च के आखिरी तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है। राज्य में पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से एक बार फिर बादलों की आवाजाही हो सकती है, लेकिन बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। आईएमडी के मुताबिक, एक दो सप्ताह में लू चलती नजर आएगी। लू के दौरान सनबर्न की समस्या से लोग परेशान रह सकते हैं। लिहाजा, धूप में निकलने से बचें।

शहर का नामन्यूनतम तापमानअधिकतम तापमान
देहरादून13 डिग्री सेल्सियस26 डिग्री सेल्सियस
शिमला6 डिग्री सेल्सियस16 डिग्री सेल्सियस
कश्मीर-3 डिग्री सेल्सियस1 डिग्री सेल्सियस
चण्डीगढ़16 डिग्री सेल्सियस26 डिग्री सेल्सियस
पटना23 डिग्री सेल्सियस35 डिग्री सेल्सियस
दिल्ली16 डिग्री सेल्सियस32 डिग्री सेल्सियस
मुंबई26 डिग्री सेल्सियस37 डिग्री सेल्सियस
जयपुर 20 डिग्री सेल्सियस32 डिग्री सेल्सियस
लखनऊ21मडिग्री सेल्सियस34 डिग्री सेल्सियस
चेन्नई26 डिग्री सेल्सियस32 डिग्री सेल्सियस

सनबर्न क्या होता है

गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।

कोल्ड डे क्या है?

कश्मीर-हिमाचल प्रदेश में अभी भी कोल्ड के जैसी स्थिति है। लोग जानना चाहते हैं कि Cold Day क्या होता है? तो बता दें कि आईएमडी के मुताबिक, कोल्ड डे तब माना जाता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रहे और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियत कम दर्ज किया जाए। उन दिनों को कोल्ड डे में काउंट करते हैं। इस दौरान दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर नहीं होता है, लिहाजा लोगों को सर्दी से राहत की उम्मीद कम रहती है।

हीटवेव का अलर्ट जारी

देश भर में मौसम के मिजाज में नाटकीय रूप से उतार-चढ़ाव को देखते हुए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। जहां कुछ इलाकों में बारिश हो रही है, वहीं कुछ इलाकों में अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर को अस्थायी राहत मिल रही है। आईएमडी ने मार्च से मई तक सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया है, जिससे आने वाले महीनों के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के राज्य विशेष रूप से प्रभावित होंगे। आईएमडी इन बदलावों के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार माना है। ऐसे में लोगों को भीषण गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

हीटवेव क्या है?

भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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