झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC CGL) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभ्यर्थियों का आंदोलन अब बेहद उग्र रूप ले चुका है। बापू वाटिका (मोराबादी) से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह और भूख हड़ताल में तब्दील हो गया है।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनशन शुरू
रविवार को आंदोलन का नेतृत्व कर रहे चर्चित छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा कर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपी गई मांगें पूरी नहीं हो जातीं, उनका अनशन जारी रहेगा।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा छात्रों का मनोबल बनाए रखने और इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने के लिए मैं भूख हड़ताल पर बैठा हूं। मैं अनशन के सभी नियमों का पालन करते हुए सरकार को झुकने पर मजबूर कर दूंगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि परीक्षा में धांधली करने वाले सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांगें:
14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) के परिणाम को तुरंत रद्द किया जाए।
TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और प्रक्रियाओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
JPSC और JSSC चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और ठोस नीतिगत सुधार लागू किए जाएं।
कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने भेजा नाश्ता
सोमवार को आंदोलन को उस समय नया मोड़ मिला जब झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए उनके लिए नाश्ते के पैकेट भिजवाए। नाश्ता पहुंचाने वाले वितरक ने बताया कि बंधु तिर्की ने जानबूझकर धरना स्थल पर खुद न जाने का फैसला किया ताकि छात्रों के इस विशुद्ध आंदोलन को राजनीतिक रंग न दिया जा सके।
नाश्ते का पैकेट बांट रहे व्यक्ति ने बताया कि बंधु तिर्की छात्रों की जायज मांगों का पूर्ण समर्थन करते हैं। उन्होंने नाश्ते के पैकेट भिजवाए लेकिन खुद इसलिए नहीं आए ताकि कोई इसे राजनीतिक पैंतरेबाज़ी का नाम न दे सके। वे चाहते हैं कि छात्रों के मुद्दे पर कोई राजनीति न हो और उनकी समस्याओं का समाधान हो।
छात्रों ने कहा- 'हम पूरे प्रदेश और देश के युवाओं की आवाज'
कांग्रेस नेता के इस कदम का स्वागत करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि वे किसी एक संस्थान के नहीं, बल्कि पूरे राज्य और देश के युवाओं की आवाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
एक आंदोलनकारी छात्र ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम हर उस व्यक्ति का स्वागत करते हैं जो व्यक्तिगत, सामाजिक या नैतिक रूप से हमारा समर्थन करता है। हम चाहते हैं कि जनप्रतिनिधि और नेता हमारी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखें और एक प्रतिनिधिमंडल भेजकर हमारी समस्या का समाधान कराएं ताकि हम अपना आंदोलन समाप्त कर घर लौट सकें।
झारखंड में पिछले कुछ समय से परीक्षाओं में पेपर लीक, ओएमआर शीट में गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही के कई मामले सामने आए हैं, जिससे युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। छात्रों का कहना है कि वे अब केवल औपचारिक आश्वासनों या इस्तीफों से संतुष्ट नहीं होंगे, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र में बुनियादी और पारदर्शी सुधार चाहते हैं।
