Jaunpur Encounter News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बीते 1 मई को बारात लेकर जा रहे 24 वर्षीय दूल्हे आजाद बिंद की सरेराह गोली मारकर हत्या करने वाले मुख्य आरोपियों में शामिल कुख्यात अपराधी रवि यादव को पुलिस ने सोमवार तड़के एक भीषण एनकाउंटर में मार गिराया है। मारे गए बदमाश रवि यादव पर पुलिस प्रशासन की तरफ से एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह कार्रवाई वारदात के ठीक 25 दिन बाद SIT और STF की संयुक्त घेराबंदी के दौरान हुई। हालांकि, इस मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की तरफ से की गई फायरिंग में लाइन बाजार थाना प्रभारी के.के. सिंह भी घायल हो गए हैं।
हाईवे पर घेरकर की थी अंधाधुंध फायरिंग
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, SIT और STF की टीमें आजाद बिंद हत्याकांड में नामजद तीनों फरार मुख्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं। सोमवार तड़के गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने जौनपुर के एक इलाके में बाइक सवार बदमाशों को घेरने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की तरफ से हुई सीधी फायरिंग में लाइन बाजार थाना प्रभारी के.के. सिंह के हाथ में गोली लग गई, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मियों की छाती पर गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने के कारण वे बाल-बाल बच गए। पुलिस की जवाबी आत्मरक्षार्थ फायरिंग में मुख्य शूटर रवि यादव को गोलियां लगीं और उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस दौरान रवि यादव का एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
दुल्हन के ममेरे भाई ने रची थी खूनी साजिश
यह पूरा मामला जौनपुर के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़उर गांव निवासी राम लखन बिंद के 24 वर्षीय बेटे आजाद बिंद की हत्या से जुड़ा है। आजाद का विवाह खेतासराय थाना क्षेत्र के बीबीपुर (जमदहां) गांव की रहने वाली सोनी बिंद से तय हुआ था। 1 मई की शाम बारात दुल्हन के घर के लिए रवाना हुई। करीब 5 से 7 किलोमीटर दूर हाईवे पर बादशाही बाजार के पास बारात पहुंची ही थी कि पहले से घात लगाए बाइक सवार हमलावरों ने दूल्हे की कार को रुकवा लिया और आजाद बिंद पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस की गहन तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दुल्हन के ममेरे भाई प्रदीप बिंद ने ही इस पूरे हत्याकांड की खूनी साजिश रची थी। प्रदीप बिंद ने अपने दोस्त रवि यादव और भोले राजभर के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
13 मददगार पहले ही जा चुके हैं जेल, 2 मुख्य आरोपी अभी भी फरार
दूल्हे के पिता राम लखन बिंद की तहरीर पर पुलिस ने तीन मुख्य नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस इस मामले में अब तक 13 अन्य सह-आरोपियों और शरणदाताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मुठभेड़ में मारे गए रवि यादव के अलावा इस हत्याकांड के दो अन्य आरोपी आजमगढ़ का प्रदीप बिंद (दुल्हन का ममेरा भाई) और सरायख्वाजा का भोले राजभर अभी भी फरार हैं, जिन पर भी एक-एक लाख रुपये का इनाम है। पुलिस कप्तान के अनुसार, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और उन्हें भी जल्द ही कानून के शिकंजे में लिया जाएगा।
