शहर

Janmashtami 2026 : कान्हा के रंग में रंगा यूपी, मथुरा से काशी तक जन्माष्टमी की धूम; CM योगी ने बृज में उतारी आरती

यूपी में जन्माष्टमी का उत्सव शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान में पूजा-अर्चना की, जबकि मंदिर को ‘समुद्र मंथन’ थीम पर सजाया गया। मथुरा, वृंदावन, वाराणसी समेत पूरे प्रदेश में आधी रात कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां और विशेष आयोजन किए गए हैं।

Image

योगी ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान में की पूजा-अर्चना

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान को ’समुद्र मंथन’ की थीम पर सजाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की जबकि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ के एक मंदिर में दर्शन किए। आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान में करीब 45 मिनट बिताए। उन्होंने सबसे पहले गौ पूजन किया और इसके बाद केशव देव मंदिर, योगमाया मंदिर, गर्भगृह तथा भागवत भवन में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में कमल का फूल अर्पित किया और पूजा की। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा समिति के पदाधिकारियों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा समिति के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि पूरे जन्मस्थान मंदिर परिसर को ’समुद्र मंथन’ की थीम पर सजाया गया है, जबकि मंदिर के अंदरूनी हिस्से को ’कलहंस राजहंस’ की थीम पर सजाया गया है। शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री को भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े शंख ’पाञ्चजन्य’ की प्रतिकृति भेंट की गई। यह पंचरत्नी पोशाक में दर्शाए गए पांच बहुमूल्य रत्नों में से एक है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने द्वारकाधीश मंदिर में की पूजा

लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने चौक क्षेत्र स्थित श्री द्वारकाधीश मंदिर में पूजा-अर्चना की और राज्य तथा पूरे देश के लोगों की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। जनभवन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने मंदिर से जुड़े बच्चों और अन्य स्वयंसेवकों से भी बातचीत की तथा उनकी दिनचर्या, शिक्षा और भगवान की सेवा से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ली। वाराणसी के मंदिरों को भी जन्माष्टमी के लिए सजाया गया है। श्रद्धालु आधी रात से ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर होने वाले उत्सव की तैयारी में जुटे हैं।

आयोजकों ने बताया कि दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन मंदिर में रात 10 बजे से मध्यरात्रि तक विशेष महाभिषेक किया जाएगा। इसके लिए गंगाजल, दही, दूध तथा फलों और फूलों के रस समेत 51 सामग्री से विशेष मिश्रण तैयार किया गया है। महाभिषेक के बाद बाल स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण ’लड्डू गोपाल’ को 108 प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग लगाया जाएगा। शहर के मंदिरों और अन्य स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से संबंधित झांकियां भी सजाई गई हैं।

इसके अलावा प्रयागराज, कानपुर, मेरठ, गोरखपुर, गाजियाबाद, सहारनपुर और आगरा समेत प्रदेश के विभिन्न शहरों में भी जन्माष्टमी की तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों, विशेषकर भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। जन्माष्टमी भगवान विष्णु के अवतार माने जाने वाले भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पर्व है। मथुरा-वृंदावन, गोकुल और अयोध्या समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर रातभर उत्सव जारी रहेगा। इस अवसर पर मंदिरों में मध्यरात्रि पूजा, आरती और भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article