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Jaipur UGC Protest : वाटर कैनन की बौछार के बाद युवक की गई थी जान, करणी सेना ने सरकार को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

जयपुर में यूजीसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन के इस्तेमाल से युवक देवराज सिंह की मौत पर विवाद बढ़ गया है, करणी सेना ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है।

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जयपुर में यूजीसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान युवक की मौत पर तकरार

जयपुर : यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के रोल बैक की मांग को लेकर सोमवार को श्री राजपूत करणी सेना द्वारा निकाले गए विरोध मार्च के दौरान कथित तौर पर वाटर कैनन की बौछार के बाद युवक देवराज सिंह की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। मृतक के भाई किशन सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि देवराज इस प्रदर्शन में शामिल होने के बाद भीगे हुए घर लौटे थे। रैली के दौरान वाटर कैनन के पानी की बौछार पड़ने के बाद उनके सीने में तेज दर्द शुरू हो गया था। परिजन उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। किशन सिंह का दावा है कि एसएमएस अस्पताल पहुंचने से पहले ही देवराज की मौत हो चुकी थी। उन्होंने यह भी साझा किया कि देवराज के दो छोटे बच्चे हैं और कुछ समय पहले ही उनके पिता का भी एक सड़क हादसे में निधन हो चुका था। शोकाकुल परिवार ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष इंसाफ और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी ओर, राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना ने आरोप लगाया है कि देवराज की मौत के लिए पूरी तरह से पुलिस की सख्त कार्रवाई जिम्मेदार है। मकराना ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल करने और लाठीचार्ज किए जाने की वजह से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है।

राज्य सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम

महिपाल मकराना ने राज्य सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन चलाने और लाठीचार्ज करने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने मृतक के पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है। मकराना ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि निर्धारित सात दिनों के भीतर उनकी ये मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो करणी सेना की ओर से जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

इसके अलावा, मकराना ने चेतावनी दी है कि यदि यूजीसी का “भेदभावपूर्ण कानून” वापस नहीं लिया गया, तो करणी सेना राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में अगड़ी जातियों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ मतदान करने की अपील करेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि राजस्थान के बाद इस मुद्दे पर बिहार, उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत कई अन्य राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे और अंत में दिल्ली का घेराव किया जाएगा।

Lakhveer Singh Shekhawat
लखवीर सिंह शेखावतauthor

पत्रकारिता में पिछले सात साल से सक्रिय हैं, वर्तमान में Times Now नवभारत में राजस्थान ब्यूरो हेड हैं। इससे पहले, ज़ी मीडिया और न्यूज़18 नेटवर्क के राजस्थान चैनल के लिए दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य किया है। उन्होंने जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से बीजेएमसी की डिग्री प्राप्त की और राजस्थान यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी में डिग्री हासिल की है। राजस्थान से संबंधित समाचारों और ख़बरों पर विशेष पकड़ रखते हैं। साथ ही देश की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं को कवर करने में भी विशेषज्ञता हासिल है।

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