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'VIP और आम मतदाता में फर्क कर रहा EC'; खड़गे का BJP और चुनाव आयोग पर करारा हमला; बोले- SIR वोट चोरी का औजार

Mallikarjun Kharge Post On SIR Delhi Notice: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) को लेकर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला है।

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'VIP और आम मतदाता में फर्क कर रहा EC'; खड़गे का BJP और चुनाव आयोग पर करारा हमला; बोले- SIR वोट चोरी का औजार

Mallikarjun Kharge SIR Process Attack BJP: स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर जारी देशव्यापी राजनीतिक घमासान के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर तीखा हमला बोला है। बिहार और पश्चिम बंगाल के बाद दिल्ली में SIR की दस्तक को लेकर खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक विस्तृत पोस्ट शेयर की। खड़गे ने SIR प्रक्रिया को लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने वाला और 'एक फ्रैंकेंस्टीन मॉन्स्टर' (Frankenstein Monster) करार दिया, जिसने अब खुद इसे लागू करने वालों को ही अपनी चपेट में ले लिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि शुरुआत से ही कांग्रेस पार्टी इस पूरी प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण (Flawed) बता रही थी, और अब दिल्ली में भाजपा के बड़े नेताओं को नोटिस मिलने से यह साबित हो गया है।

आडवाणी तक को गया नोटिस

खड़गे ने किया पोस्ट, 'बिहार से शुरु हुआ SIR अब जब दिल्ली में दस्तक दे चुका है, तब शायद सत्ताधीशों को पता चल रहा है कि कांग्रेस पार्टी पूरे process को पहले दिन से Flawed क्यों कह रही थी ! SIR केवल भाजपा द्वारा वोट चोरी व लोकतंत्र को खत्म करने का औज़ार ही नहीं है बल्कि ये Flawed Process एक Frankenstein Monster जिसने अब उसी के लोगों को फँसा दिया है !! भाजपा के ही कई बड़े नेता - भाजपा के वरिष्ठतम, लालकृष्ण आडवाणी जी, मौजूदा विदेश मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल (LG), राज्यसभा सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री आदि शामिल हैं, इन सबको अब नोटिस दिया गया। हालत यह कि कि इससे पहले भारत रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक व पूर्व नौसेना प्रमुख को भी नोटिस जारी किए जा चुके है। बंगाल में जिन लोगों के नाम काटकर उन्हें वोट देने से रोका गया, उनमें अब तक फैसला हुए मामलों में 93% लोग अपनी अपील जीत गए - यानि 1,13,943 लोगों को फिर से मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा! वाह ! किस आधार पर उनका मताधिकार छीना गया?'

उन्होंने आगे कहा, 'ऊपर से चुनाव आयोग आज आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर के “VIP/marked electors” का वर्णन करता है। क्या अब भारत के Universal Adult Franchise में मतदाताओं की कोई Special Category है — VIP मतदाता और आम मतदाता? क्या हमारे संविधान ने जो One Person, One Vote, One Value का सिद्धांत दिया था, ये उसकी अवेहलना नहीं है? क्या VIP वोट अब ज्यादा क़ीमती हो गया है? SIR के पहले तीन चरणों में 31 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 13.8 करोड़ मतदाता सूची से बाहर हुए—यानी 94.78 करोड़ मतदाताओं में से करीब 14.61%, उनपर हाथ पर हाथ धरे किसके इशारे पर बैठा रहता है? VIPs के लिए Press Release, करोड़ों आम मतदाताओं के लिए खामोशी!'

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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