Jaipur Tripolia Bazaar News: जयपुर के व्यस्ततम परकोटा इलाके से गुरुवार सुबह भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है। त्रिपोलिया बाजार स्थित मनिहारों के कटला के तीन मंजिला सेठी कॉम्प्लेक्स में सुबह करीब 7 बजे शॉर्ट सर्किट के चलते आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 20 से 25 दुकानों व गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों और काले धुएं के गुबार से पूरे परकोटे में अफरा-तफरी मच गई, जिसका धुआं सुभाष चौक से लेकर चांदपोल तक फैल गया। दमकल की 30 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना ने एक बार फिर बाजारों की फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
दमकल की 30 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की शुरुआत छोटू भाई के चूड़ियों के गोदाम से हुई। बताया जा रहा है कि यहां शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क उठी। उन्होंने और सफाईकर्मियों ने किसी तरह ताला तोड़कर अपनी जान बचाई। लेकिन आग के कारण शटर अत्यधिक गर्म होने से उनके हाथ जल गए। आग की सूचना मिलते ही माणक चौक थाने की पुलिस और दमकल की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों के बीच फायर ब्रिगेड की करीब 30 गाड़ियों ने किसी तरह मोर्चा संभाला।
समय रहते बाहर निकाले गए LPG सिलेंडर
हादसे के दौरान गनीमत की बात यह है कि एहतियात के तौर पर बिल्डिंग में रखे 5 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा धमाका होने से टल गया। हादसे के चलते पास स्थित पुरोहित जी का कटला सहित आसपास का पूरा बाजार बंद रहा। जिस कारण लगभग 4 किलोमीटर के दायरे में भारी जाम लग गया। वहीं स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने घटना को लेकर प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश जताया है।
सुरक्षा पर बढ़ते सवाल
देश में लखनऊ और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों से हाल के महीनों में आग लगने की कई बड़ी और दर्दनाक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने कई बेकसूरों की जान ली है। जयपुर के इस परकोटे में हुआ यह हादसा एक बार फिर उन्हीं गंभीर चेतावनियों को दोहराता है। इस घटना में स्थानीय व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि बिल्डिंग मालिक आनंद सेठी द्वारा कॉम्प्लेक्स के टॉप फ्लोर पर अवैध तरीके से होटल और रेस्टोरेंट का निर्माण कराया जा रहा था, जहां अक्सर सुबह वेल्डिंग का काम चलता था।
विधायक के तीखे तेवर
इस हादसे के बाद घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लिया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पौने तीन साल में एक बार भी फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना जांच के फायर एनओसी बांटी जा रही हैं, जिसकी उच्च स्तरीय दोबारा जांच होनी चाहिए।
