जयपुर

सावधान! उदयपुर के 20 गांवों में घूम रहा आदमखोर तेंदुआ, खौफ के मारे घरों में कैद हुए लोग

Udaipur News: उदयपुर में 20 गांवों के लोग तेंदुए के आतंक से डरे-सहमे हुए हैं। लोग बाहर जानें के लिए लाठी लेकर गुट बनाकर जाते हैं। वहीं बच्चों का स्कूल जाना भी बंद हो गया है। पुलिस और वन-विभाग जंगलों में 24 घंटें आदमखोर तेंदुए की तलाश कर रहे हैं-

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उदयपुर में तेंदुए का आतंक

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • उदयपुर में तेंदुए का आतंक
  • खौफ में 20 गांवों के लोग
  • पुलिस-वनविभाग 24 घंटे कर रही तलाश

Udaipur News: उदयपुर में तेंदुए के खौफ से लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। पहाड़ी वन क्षेत्र में 'आदमखोर तेंदुआ' अब तक पकड़ में नहीं आया और गोगुंदा तथा बड़गांव उपखंड के करीब 20 गांवों के लोग दहशत में है। इन लोगों की दिनचर्या अपने घरों में रहने तक सिमट गई है। वन विभाग, पुलिस और सेना की टीमों के लगातार अथक प्रयासों के बावजूद आदमखोर तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका है। हालांकि, वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि जिस इलाके में तेंदुआ घूम रहा है उसे टीमों ने घेर लिया है और तेंदुए को मार डालने के साथ ही यह अभियान समाप्त होने की उम्मीद है।

20 गांवों में तेंदुए का आतंक

इस आदमखोर तेंदुए के पिछले दो हमले जहां हुए, वह दो गांवों का इलाका है। यह उदयपुर शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर है। शुरू में जंगल के आसपास स्थित पांच पंचायत समितियों और 20 गांवों के करीब 20 किलोमीटर के दायरे में तलाश शुरू हुई। आदमखोर तेंदुए ने सभी सात शिकार इसी इलाके में किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे तेंदुए के हमलों की संख्या बढ़ती गई, तलाश तेज होती गई। टीमों ने उस इलाके की पहचान कर ली है, जहां तेंदुआ घूम रहा है।

बच्चों का स्कूल जाना बंद

गोगुंदा के थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत ने बताया कि आदमखोर तेंदुए के हमले से डरे ग्रामीण एहतियात के तौर पर अपने घरों में ही रह रहे हैं, बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। मवेशियों के लिए चारा लेने जाने वाले पुरुष और महिलाएं भी लाठी लेकर निकल रहे हैं। वन विभाग ने मंगलवार को जानवर को मार गिराने की अनुमति जारी की। वन विभाग, पुलिस और सेना के 100 से अधिक जवानों ने गांव राठौड़ों का गुड़ा और केलवों का खेड़ा के पास के जंगल में इलाके को घेर लिया है जहां पिछले दो हमले हुए थे।

जंगल में 24 घंटे तेंदुए की तलाश जारी

वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि ये टीमें पूरे गांवों और आसपास के जंगल में चौबीसों घंटे तेंदुए की तलाश कर रही हैं। सूत्रों ने बताया कि कल रात एक कांस्टेबल ने तेंदुए को देखा। तलाशी दल तेंदुए को परेशान करने और उसे पकड़ने के लिए पटाखे फोड़ रहे हैं और ढोल बजा रहे हैं। उनके अनुसार, केलवों की ढाणी में बरसाती नाले के पास जाल बिछाया गया है। पैरों के निशानों से तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले कभी भी तेंदुओं ने इंसानों पर हमला नहीं किया है, लेकिन इस बार तेंदुआ का व्यवहार बदल गया है।

इंसानों को निशाना बना रहे तेंदुए

स्थानीय ग्रामीण भगवती लाल ने बताया, "महिलाएं और बच्चे घर के अंदर ही रह रहे हैं। पुरुष तेंदुए की खोज में लगे वन और पुलिस कर्मियों की मदद कर रहे हैं। हम मवेशियों के लिए चारा इकट्ठा करने नहीं जा रहे हैं।" जिला वन अधिकारी अजय चित्तौड़ा ने पुष्टि की कि सातों हमलों के तरीके से पता चलता है कि ये सभी एक ही तेंदुए ने किए हैं और वह इंसानों को निशाना बना रहा है।

उन्होंने बताया, "सभी महत्‍वपूर्ण स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं, पुलिस और सेना के साथ-साथ उदयपुर, राजसमंद, जोधपुर और रणथंभौर के शूटरों की टीमें इसकी तलाश कर रही हैं। हैदराबाद से विशेषज्ञ शूटर भी मौके पर मौजूद हैं।"

100 से ज्यादा पुलिस-वनकर्मी तलाश में जुटे

राठौड़ों का गुड़ा गांव के स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। लोगों को अकेले या रात के समय बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है और लोग भी समझदारी से सहयोग कर रहे हैं। वे किसी जरूरी काम या मेडिकल इमरजेंसी में लाठी साथ लेकर समूह में जाते है।। सोशल मीडिया के जरिए भी जानकारी दी जा रही है। पुलिस उपाधीक्षक गजेंद्र सिंह ने बताया कि आदमखोर तेंदुए को खोजने के लिए 100 से ज्यादा पुलिस और वनकर्मी लगे हुए हैं।

प्रशासन ने दिए ये निर्देश

तेंदुए के भागने के संभावित रास्तों के पास टीमें तैनात हैं, जो ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रशासन ने लोगों से अकेले न चलने और खासकर सुबह, शाम और रात के समय सतर्क रहने को कहा है। प्रशासन ने निर्देश दिया है, "जहां मृत जानवर पड़े हों, वहां ज्यादा सतर्क रहें। अगर स्कूल गांव से दूर है, तो बच्चों को समूह में आना चाहिए। बच्चों को पूरे कपड़े पहनाएं। अगर वे निर्वस्त्र हैं, तो तेंदुआ भ्रमित होकर उन पर हमला कर सकता है।"

(इनपुट-भाषा)

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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