Jaipur News: राजधानी जयपुर की ट्रैफिक पुलिस ओवरस्पीडिंग के मामलों पर नियंत्रण पाने में असफल रही है। पिछले पांच महीनों में, 30,500 चालान तेज गति से वाहन चलाने के लिए जारी किए गए हैं, जो केवल छह आईटीएमएस कैमरों द्वारा दर्ज किए गए वाहनों के हैं।
हर दिन 201 ओवरस्पीड चालान
राजधानी में तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। पिछले पांच महीनों में सिर्फ छह आईटीएमएस कैमरों के ज़रिए 30,500 से अधिक चालान ओवरस्पीडिंग के किए गए। यानी औसतन हर दिन 201 चालान केवल तेज रफ्तार के लिए हो रहे हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 23 हजार चालान जेएलएन मार्ग पर और 8,750 चालान रात 10 बजे से सुबह 4 बजे के बीच दर्ज किए गए।
टोंक रोड और वैशाली नगर भी पीछे नहीं
टोंक रोड पर 6 हजार और क्वींस रोड, वैशाली नगर क्षेत्र में 15 सौ चालान किए गए हैं। इससे साफ है कि शहर के मुख्य मार्गों पर नियम तोड़ना आम होता जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस ने 120 दिनों में रेड लाइट तोड़ने के 3,000 चालान किए हैं। इसके साथ ही स्टॉप लाइन क्रॉस करने पर 30 और गलत तरीके से ओवरटेक करने पर 10 चालान दर्ज किए गए हैं। 40 लोगों को लापरवाही से वाहन चलाने के कारण दंडित किया गया है।
लाइसेंस निरस्तीकरण की सिफारिशें
जनवरी से अप्रैल तक 18,980 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की गई है, जिनमें से 3,500 लाइसेंस पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। इनमें दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाने के 9,500 और बिना हेलमेट चलाने के 3,800 मामले शामिल हैं। शहर में रोज औसतन 158 लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, जिनमें से 29 के लाइसेंस रोज निलंबित हो रहे हैं। शराब पीकर गाड़ी चलाना, बिना लाइसेंस, मोबाइल पर बात करना, रॉन्ग साइड चलाना और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में भी नियमित कार्रवाई की जा रही है।
