Jaipur News: साल 2008 में जयपुर में सिलसिलेवार ढंग से 8 बम धमाके हुए थे और एक जिंदा बम मिला था। चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिले जिंदा बम मामले में अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत ने पहले 29 मार्च को फैसले का दिन तय किया था, जिसके बाद फैसले के लिए 4 अप्रैल की तारीख चुनी गई। आज आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है, अब मंगलवार, 8 अप्रैल को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी।
जिंदा बम प्लांट करने के मामले में ठहराए गए दोषी
13 मई को 2008 को जयपुर में आठ सीरियल बम धमाकों के बाद नौंवा बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। इन धमाकों में 71 लोगों की मौत हो गई थी, और 200 लोग घायल हो गए थे।
जिंदा बम प्लांट करने के मामले में जज रमेश कुमार जोशी की विशेष अदालत ने आज मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी, सैफुर रहमान और मोहम्मद सलमान को दोषी ठहराया है।
8 अप्रैल को सुनाई जाएगी सजा
दोषियों पर आरोप सिद्ध होने के बाद सजा 8 अप्रैल, मंगलवार के दिन सुनाई जाएगी। इससे पहले 20 दिसंबर 2019 को जयपुर धमाकों के मामले में इन चार लोगों को दोषी ठहराते हुए इसी विशेष अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने रद्द करते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।
पहले हो चुके हैं बरी
25 दिसंबर 2019 को एटीएस ने जिंदा बम मामले में इन सभी आरोपियों को जेल से गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद 29 मार्च 2023 को राजस्थान हाईकोर्ट ने विशेष अदालत का फैसला पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। अदालत ने अभियुक्तों को बरी करने का फैसला सुनाते हुए कहा था कि पुलिस के आतंकवाद-निरोधी दस्ता कोई सबूत पेश नहीं कर सका और इस धमाके में साजिश को साबित करने का कोई आधार नहीं साबित कर पाया।
जिंदा बम मामले में जिन चार आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, उनमें से दो आरोपी सैफुर्रहमान और मोहम्मद सैफ जयपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। वहीं, मोहम्मद सरवर आजमी और आरोपी शाहबाज अहमद जमानत पर हैं।
