Navbharat Navnirman Manch : साल 2016 में सरकार की 'स्टार्टअप इंडिया' स्कीम की शुरुआत के बाद देश भर में प्रतिभावान युवा सामने आए और उन्होंने नए विचारों के साथ अपना नया कारोबार शुरू किया। आत्मविश्वास से भरे इन युवाओं की मदद सरकार की ओर से भी की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकारें स्टार्टअप को फंड दे रही हैं और युवा अपनी आइडियाज से लोगों की मुश्किलें कम करते हुए अन्य लोगों के लिए रोजगार एवं नौकरियां उपलब्ध करा रहे हैं। आज छोटे शहरों में स्टार्टअप की शुरुआत हो गई है। ग्रामीण इलाकों के प्रतिभाशाली युवा भी स्टार्टअप की शुरुआत कर सकते हैं।
टीयर -2, टीयर-3 में भी शुरू हों स्टार्टअप-तरुण
एक नए स्टार्टअप की शुरुआत करने में आने वाली चुनौतियों पर 'राइजिंग इंडिया' के संस्थापक तरुण अगल ने नवभारत नवनिर्माण मंच पर बेबाकी से बात की और स्टार्टअप के लिए युवाओं को टिप्स दिए। तरुण ने कहा कि उनके स्टार्टअप का नाम 'राइजिंग इंडिया' यानी कि 'उभरता भारत'। उन्हें उभरते भारत के विकास में योगदान देना है। स्टार्टअप से जुड़कर युवा से लेकर सभी आयु वर्ग के लोग इसमें योगदान दे सकते हैं। स्टार्टअप के लिए केंद्र, राज्य सरकारों के अलावा प्राइवेट संस्थाएं एवं एजेंसियां फंड देती हैं। तरुण ने बताया कि वह आइडियाज एवं प्राब्लम सॉल्विंग पर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्चुअल इंडिया का फायदा स्टार्टअप को लेना चाहिए। टीयर -2, टीयर-3 स्तर के शहरों में भी युवाओं को स्टार्टअप शुरू करना चाहिए।
डिग्री या फंड कितना जरूरी
तरुण का कहना है कि स्टार्टअप शुरू करने के लिए डिग्री या फंड की जरूरत नहीं बल्कि जरूरत माइंडसेट की होती है। उन्होंने कहा कि नया आइडिया तब आता है जब आपका सामना किसी समस्या से होता है। जो नए आइडियाज पर काम करता है उसे सरकार फंड देती है और वह इस राशि को वापस नहीं लेती। सरकारों ने समझा है कि युवा प्रतिभा केवल शहरों में होगी यह जरूरी नहीं है।
आईस्टार्ट ने 4000 स्टार्टअप को आगे बढ़ाया
तरुण ने आगे बताया कि स्टार्टअप का मतलब कोई नया या यूनिक चीज लेकर लाना होता है। इसे शुरू करने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है। आईस्टार्ट ने राजस्थान में 4000 स्टार्टअप को सहयोग देकर आगे बढ़ाया है। स्टार्टअप शुरू करने के लिए उसकी एक पॉलिसी है। राजस्थान पर्यटन एवं शिल्प के लिए जाना जाता है लेकिन इन दोनों क्षेत्रों में काम करने की अभी बहुत संभावनाएं हैं। राजस्थान के युवा इस क्षेत्र में स्टार्टअप की शुरुआत कर सकते हैं।
देश का कंज्यूमर मार्केट बहुत बड़ा है
स्टार्टअप फाउंडर को समझना चाहिए कि उसे अपनी मार्केटिंग कैसे करनी है। सही प्लेटफॉर्म का चुनाव जरूरी होता है। सब लोग इंटरनेट से जुड़े हैं। गांवों तक इंटरनेट की पहुंच अब हो गई है। इससे भारत का कंज्यूमर मार्केट बहुत बड़ा हो गया है। लोगों की समस्याओं को पहचान कर लोकल स्तर पर भी स्टार्टअप शुरू किया जा सकता है।
