जयपुर

Rajasthan Big News: राजस्थान में बिहार मॉडल पर जातिगत जनगणना का ऐलान, 'सभी को मिलेगा अपना हक'

Caste Plan Census: सीएम अशोक गहलोत ने ऐलान किया है कि राजस्थान में भी बिहार पैटर्न पर जातिगत योजना जनगणना करवाई जाएगी। सीएम ने कहा हम बिहार मॉडल पर जातिगत जनगणना चाहते हैं ताकि, सभी को अपना हक मिले।

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CM Ashok gehlot

Photo : ANI

जयपुर: सीएम अशोक गहलोत ने ऐलान किया है कि राजस्थान में भी बिहार पैटर्न पर जातिगत योजना जनगणना करवाई जाएगी। शनिवार की शाम मुख्यमंत्री ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, हम बिहार मॉडल पर जातिगत जनगणना चाहते हैं ताकि, सभी को अपना हक मिले। इसके लिए सर्वे करवाना होगा जातिगत जनगणना कोई गलत बात नहीं है।

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी के राजस्थान सरकार की योजनाओं को बंद नहीं करने के बयान पर सीएम गहलोत का ये बयान आया है। उन्होंने कहा-आखिरकार बीजेपी और प्रधानमंत्री ने मान तो लिया कि राजस्थान सरकार की योजनाएं बेहतरीन हैं। आगे गहलोत ने कहा कि अब मैं प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं कि आप वादा करें कि हमारी स्कीम OPS या मेडिकल फैसिलिटी जैसी स्कीम को वो देश में लागू करेंगे।

इसके बाद सीएम गहलोत ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह पर हमला बोला। उन्होंने कहा-अगर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह संजीवनी के पीड़ितों को पैसा दिलाते हैं तो मैं उनसे माफी मांग लूंगा। वो खुद आरोपी हैं वो जेल से बाहर हैं, जबकि कई लोग जेल में हैं फर्क इतना सा है।

इसके साथ ही सीएम ने चुनाव आचार संहिता लगने से पहले विभिन्न समाजों को साधते हुए आठ और समाज कल्याण बोर्ड गठित कर दिए हैं। इसको लेकर शुक्रवार को कांग्रेस की कोर कमेटी की पीसीसी के वॉर रूम में लंबी बैठक के बाद ये बयान सामने आया था। उसके बाद सीएम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने' जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी' की बात कही है। सीएम ने कहा जिस तरह सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में कराई गई जाति जनगणना को नहीं रोका है, उसी तरह राजस्थान में भी होगी। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश और संविधान की भावना को भी ध्यान में रखा जाएगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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