जयपुर

Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान में इन मुख्यमंत्रियों ने किया सबसे लंबा राज, कोई 16 दिन तो कोई CM रहा 17 साल

Rajasthan Assemblly Election 2023- राजस्थान की राजनीति लंबे समय से कांग्रेस के अशोक गहलोत और बीजेपी की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के इर्द गिर्द घूमती रही है। इस राज्य की जनता ने 1998 से लेकर आजतक किसी पार्टी को लगातार बहुमत नहीं दिया। तो जानते हैं कि आखिर किसे हर पांचवे साल मौका मिलता रहा है।

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राजस्थान के सीएम

Photo : BCCL

Rajasthan Assemblly Election 2023: क्षेत्रफल के लिहाज से भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो चुके हैं। साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर कांग्रेस पार्टी ने तमाम अंतर्कलह के बीच सरकार चलाई। मुख्यमंत्री बनने की चाहत लिए सियासी खिलाड़ी अशोक गहलोत और सचिन पायलट में आपसी तकरार का दौर भी जारी रहा। इस बीच बीजेपी अपने लिए संभावना तलाशती रही, लेकिन उसे सफलता हाथ नहीं लगी और कांग्रेस ने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया। इस बार पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी ताकत झोक दी है। परिणाम आने के बाद ही ये तय हो पाएगा कि आखिर किसके सिर मुख्यमंत्री का ताज सजेगा। आज जानते हैं कि राज्य में लंबे समय तक वसुंधरा राजे सिंधिया और अशोक गहलोत के अलावा किन मुख्यमंत्रियों ने राज्य की बागडोर संभाली।

राजस्थान की राजनीति का इतिहास

आपको बता दें कि राजस्थान भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग में है। इस राज्य की सीमाएं पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर में पंजाब, उत्तर-पूर्व में हरियाणा और उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम में गुजरात से लगती हैं। इस राज्य का सियासी पारा हमेशा हाई रहता है। यहां की राजनीति लंबे समय से कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत और बीजेपी की वसुंधरा राजे के ईर्द गिर्द घूमती रही है। इस राज्य के लोगों ने 1998 से लेकर अबतक किसी पार्टी को लगातार बहुमत नहीं दिया। तो जानते हैं कि आखिर फिर किसे हर पांचवे साल मौका मिलता रहा है।

मोहनलाल सुखाड़िया का कार्यकाल था सबसे लंबा

राजस्थान में अबतक का सबसे लंबा कार्यकाल चलाने वाले मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी के मोहनलाल सुखाड़िया थे। सुखाड़िया महज 38 साल की उम्र में सीएम पद पर विराजमान हो गए थे। उन्हें 1954 से 1971 तक राजस्थान का मुख्यमंत्री रहने का गौरव प्राप्त हुआ।

16 दिन के सीएम हीरा लाल देवपुरा

कांग्रेस पार्टी के ही हीरा लाल देवपुरा सबसे कम समय के लिए मुख्यमंत्री रहे। उन्हें 7 वीं विधानसभा में महज 16 दिन सीएम पद की कुर्सी नशीब हुई।

ये नेता राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल चुके हैं। इनमें से कईयों को कई बार राज करने का मौका मिला।

हीरा लाल शास्त्री 7 अप्रैल 1949 से 5 जनवरी 1951 तक पहले मुख्यमंत्री रहे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

के सी एस वेंकटचारी 6 जनवरी 1951 से 25 अप्रैल तक सीएम थे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

जय नारायण व्यास 26 अप्रैल 1951 से 3 मार्च 1952 तक राज्य के सीएम रहे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

टीका राम पालीवाल 3 मार्च 1952 से 31 अक्टूबर 1952 तक मुख्यमंत्री रहे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

जय नारायण व्यास 1 नवंबर 1952 से 12 नवंबर 1954 तक सीएम रहे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

मोहन लाल सुखाड़िया 13 नवम्बर 1954 से 11 अप्रैल 1957 तक सीएम थे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

मोहन लाल सुखाड़िया फिर 11 अप्रैल 1957 से 11 मार्च 1962 तक सीएम रहे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

मोहन लाल सुखाड़िया पुन: 12 मार्च 1962 से 13 मार्च 1967 सीएम की कुर्सी संभाली। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

मोहन लाल सुखाड़िया एक बार फिर 26 अप्रैल 1967 से 9 जुलाई 1971 तक मुख्यमंत्री रहे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

बरकतुल्लाह खान 9 जुलाई 1971 से 11 अगस्त 1973 तक सीएम रहे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

हरिदेव जोशी 11 अगस्त 1973 से 29 अप्रैल 1977 तक सीएम थे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

भैरोंसिंह शेखावत 22 जून 1977 से 16 फरवरी 1980 तक सीएम रहे । (जनता पार्टी)

जगन्नाथ पहाड़िया 6 जून 1980 से 13 जुलाई 1981 तक सीएम थे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

शिवचरण माथुर 14 जुलाई 1981 से 23 फरवरी 1985 तक सीएम रहे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

हीरा लाल देवपुरा 23 फरवरी 1985 से 10 मार्च 1985 तक सीएम रहे।( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

हरिदेव जोशी 10 मार्च 1985 से 20 जनवरी 1988 तक सीएम रहे ।( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

शिवचरण माथुर 20 जनवरी 1988 से 4 दिसम्बर 1989 तक सीएम थे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

हरिदेव जोशी 4 दिसम्बर 1989 से 4 मार्च 1990 तक सीएम रहे। ( भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस)

भैरोंसिंह शेखावत 4 मार्च 1990 से 15 दिसम्बर 1992 तक सीएम रहे। (भारतीय जनता पार्टी)

भैरोंसिंह शेखावत 4 दिसम्बर 1993 से 29 दिसम्बर 1998 तक सीएम रहे। (भारतीय जनता पार्टी)

अशोक गहलोत 1 दिसम्बर 1998 से 8 दिसम्बर 2003 (कांग्रेस) सीएम रहे। (कांग्रेस पार्टी)

वसुन्धरा राजे सिंधिया 8 दिसंबर 2003 से 11 दिसम्बर 2008 तक सीएम रहीं। (भारतीय जनता पार्टी)

अशोक गहलोत 12 दिसम्बर 2008 से 13 दिसम्बर 2013 तक (कांग्रेस)

वसुन्धरा राजे सिंधिया 13 दिसम्बर 2013 से 16 दिसम्बर 2018 (भाजपा)

अशोक गहलोत 17 दिसम्बर 2018 पदस्थ ( कांग्रेस)

अब आगे आने परिणाम बताएंगे कि आखिर इस बार कौन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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