देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे यानी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (
राजस्थान में कोटा से बूंदी (Kota to Bundi) के बीच शुरू हुए एक्सप्रेसवे के इस हिस्से का फायदा स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है। कोटा और बूंदी के बीच दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 80 किमी के हिस्से को 16 दिसंबर को आम जनता के लिए खोला गया था। इससे आसपास के इलाकों में कनेक्टिविटी आसान हो गई है। एक्सप्रेसवे के इस हिस्से के खुल जाने से क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क में जबरदस्त बूस्ट मिलेगा। हाल में ट्रैफिक के लिए खोले गए इस हिस्से को क्षेत्र में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिहाज से डिजाइन किया गया है। जिस दूरी को पार करने में पहले घंटों का समय लगता था, अब वह दूरी लगभग 50 मिनट में पूरी हो जाती है।
एक्सप्रेसवे के इस हिस्से के खुल जाने से स्थानीय लोगों को तो फायदा हो ही रहा है। इससे आसपास के शहरों, कस्बों और गांवों को जोड़ने में भी मदद मिली है। एक्सप्रेसवे के इस हिस्से के खुलने से क्षेत्र की आर्थिक प्रगति होगी और माल ढुलाई व अन्य सेवाएं भी आसानी से मिलेंगी। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के इस हिस्से के खुलने से पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जगी है। राज्यभर के लोगों की जरूरी सुविधाओं तक पहुंच और क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।
राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का काम
इस 80 किमी के हिस्से के खुलने के साथ ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का काम राजस्थान में पूरा होने के और करीब पहुंच गया है। कुल 1350 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे का 373 किमी हिस्सा राजस्थान में बनना था, जिसमें से 327 किमी को आम ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है। इस तरह से राजस्थान में एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने के करीब पहुंच गया है।
दिल्ली से जुड़ेगा कोटा
अब उम्मीद की जानी चाहिए कि अगले दो-तीन महीने में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके आप दिल्ली और कोटा के बीच आसानी से आवागमन कर पाएंगे। ऐसा होने पर कोटा से दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी। दोनों शहरों के बीच लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और कनेक्टिविटी बढ़ने के साथ ही सफर भी आरामदायक होगा।
विकास लेकर आएगा एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे इंजीनियरिंग का कमाल है। 1350 किमी लंबा यह एक्सप्रेसवे ऐसी-ऐसी जगहों से गुजरा है, जहां पहले सड़क की गुंजाइश नहीं थी। इसके ज्यादातर हिस्से तैयार हो चुके हैं, लेकिन इंटरचेंज पर काम होने के चलते पूरे एक्सप्रेसवे को ट्रैफिक के लिए खोला नहीं गया है। इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह से खुल जाने के बाद लोग दिल्ली से मुंबई तक तेजी से सफर कर पाएंगे। इससे न सिर्फ लोगों का समय बचेगा, बल्कि व्यापार भी बढ़ेगा और पर्यटन उद्योग को भी पंख लगेंगे। जहां-जहां से यह एक्सप्रेसवे गुजर रहा है, वहां पर विकास की नई बयार भी बहेगी।
ऐसा नहीं है कि यह एक्सप्रेसवे देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई को ही जोड़ेगा। बल्कि यह बीच में आने वाले शहरों और कस्बों को भी आपस में जोड़ेगा। इससे आवाजाही आसान और तेज होगी।
