महा कुम्भ 2025 में यह पवेलियन देश के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति, कला और पर्यटन को प्रदर्शित करेगा। मकर संक्रांति से बैसाखी तक के पारंपरिक त्योहारों पर आधारित इस पवेलियन में कई स्टॉल्स बनाए गए हैं।
प्रयागराज के अरैल क्षेत्र में संस्कृति ग्राम का निर्माण किया गया है। इसे 6 जोन में बांटा गया है और यहां पर प्राचीन धरोहर, महा कुम्भ की कहानियां, ज्योतिष, कला, फूड एग्जहिबिशन और डिजिटल कार्यशालाएं चलेंगी।
महाकुम्भ 2025 में तीन प्रमुख थीम पर कला ग्राम बनाए गए हैं। इसमें कला और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं का प्रदर्शन होगा, जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं के अनुभव में चार चांद लगा देंगे।
संगम नगरी में यमुना नदी के काली घाट पर बोट क्लब के पास अत्याधुनिक वॉटर लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। तकनीकी रूप से उन्नत यह शो पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव देगा।
महा कुम्भ में 20 जनवरी और 5 फरवरी को दिव्य आकृतियों पर आधारित ड्रोन शो का आयोजन होगा। अत्याधुनिक तकनीक से निर्मित यह शो पर्यटकों को आध्यात्मिक अनुभव का दिव्य एहसास कराएगा।
महा कुम्भ में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक अनुभव करने के लिए शास्त्रीय संगीत और नृत्य, लोक कला प्रदर्शन और पारंपरिक नाटकों का आयोजन होगा। यहां ऐतिहासिक धरोहरों को समझने में भी मदद मिलेगी।