Kota News: साल 2006 में एक फिल्म आई थी, चुप चुप के। उसके एक सीन में परेश रावल का किरदार का अस्पताल में मरीज को लेकर पहुंचा होता है लेकिन एक गड़बड़ी के चलते उसका दांत उखाड़ दिया जाता है। भले ही आपको ये सीन देखकर हंसी आई हो लेकिन ये सीन फिल्म तक सीमित नहीं रहा है। रुपहले पर्दे से इतर ऐसा ही एक वाकया कोटा में हुआ। जहां अपने बेटे की सर्जरी कराने पहुंचे एक पिता की ही सर्जरी कर दी गई।
क्या है पूरा मामला
बारां के अटरू निवासी मनीष पांचाल का कुछ दिनों पहले एक एक्सिडेंट हुआ था। 12 अप्रैल को कोटा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में मनीष भर्ती हुए। सुबह सारी जांचों के बाद मनीष को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। बाहर मनीष के पिता जगदीश इंतजार कर रहे थे। मनीष के मुताबिक ऑपरेशन थिएटर के अंदर से किसी स्टाफ ने जगदीश नाम से आवाज लगाई। जगदीश नाम सुनते ही मनीष के पिता खड़े हो गए। पिता के खड़े होते ही स्टाफ उन्हें अंदर ले गया और एनेस्थीसिया दे दिया। बेहोश करने के बाद हाथ में चीरा लगाया और फिर 6-7 टांके लगा दिए। जगदीश न तो हॉस्पिटल में भर्ती थे, न ही उनको कोई दिक्कत थी। बाहर आकर मनीष ने जब पट्टी देखकर सवाल पूछा तो उन्होंने पूरी बात बताई। इस बारे में स्टाफ से शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
गठित की गई है जांच कमेटी
इस घटना के बाद मेडिकल स्टाफ की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कोटा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर संगीता सक्सेना ने यह जानकारी दी कि इस मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जांच के बाद ही इस घटना की असलियत का पता लगेगा।
