जयपुर

कोटा में बेटे की सर्जरी कराने पहुंचे पिता का भी किया ऑपरेशन, मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही

राजस्थान के कोटा शहर में एक अजीबोगरीब घटना हुई। बेटे की सर्जरी कराने गए पिता को ही एनेस्थीसिया लगा कर चीरा लगा दिया गया। मामले की शिकायत करने पर स्टाफ ने इसे अनसुना कर दिया। अब अस्पताल प्रशासन ने एक तीन-सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो इस लापरवाही की जांच करेगी।

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बेटे के साथ आए पिता की भी कर दी सर्जरी (सांकेतिक तस्वीर)

Kota News: साल 2006 में एक फिल्म आई थी, चुप चुप के। उसके एक सीन में परेश रावल का किरदार का अस्पताल में मरीज को लेकर पहुंचा होता है लेकिन एक गड़बड़ी के चलते उसका दांत उखाड़ दिया जाता है। भले ही आपको ये सीन देखकर हंसी आई हो लेकिन ये सीन फिल्म तक सीमित नहीं रहा है। रुपहले पर्दे से इतर ऐसा ही एक वाकया कोटा में हुआ। जहां अपने बेटे की सर्जरी कराने पहुंचे एक पिता की ही सर्जरी कर दी गई।

क्या है पूरा मामला

बारां के अटरू निवासी मनीष पांचाल का कुछ दिनों पहले एक एक्सिडेंट हुआ था। 12 अप्रैल को कोटा मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में मनीष भर्ती हुए। सुबह सारी जांचों के बाद मनीष को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। बाहर मनीष के पिता जगदीश इंतजार कर रहे थे। मनीष के मुताबिक ऑपरेशन थिएटर के अंदर से किसी स्टाफ ने जगदीश नाम से आवाज लगाई। जगदीश नाम सुनते ही मनीष के पिता खड़े हो गए। पिता के खड़े होते ही स्टाफ उन्हें अंदर ले गया और एनेस्थीसिया दे दिया। बेहोश करने के बाद हाथ में चीरा लगाया और फिर 6-7 टांके लगा दिए। जगदीश न तो हॉस्पिटल में भर्ती थे, न ही उनको कोई दिक्कत थी। बाहर आकर मनीष ने जब पट्टी देखकर सवाल पूछा तो उन्होंने पूरी बात बताई। इस बारे में स्टाफ से शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

गठित की गई है जांच कमेटी

इस घटना के बाद मेडिकल स्टाफ की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कोटा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर संगीता सक्सेना ने यह जानकारी दी कि इस मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जांच के बाद ही इस घटना की असलियत का पता लगेगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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