Kedarnath Helicopter Crash: उत्तराखंड के केदारनाथ मार्ग पर हुए दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे में जयपुर निवासी पायलट राजवीर सिंह का दुखद निधन हो गया। सेना से लेफ्टिनेंट कर्नल पद से रिटायर होकर वे नागरिक उड्डयन में सेवा दे रहे थे। चार महीने पहले ही पिता बने राजवीर सिंह के परिवार पर यह हादसा किसी पहाड़ जैसे दुख से कम नहीं है। उत्तराखंड के केदारनाथ मार्ग पर हुए हेलीकॉप्टर क्रैश में जयपुर के शास्त्री नगर निवासी पायलट राजवीर सिंह का निधन हो गया।
यह हादसा पूरे देश को झकझोर देने वाला रहा, लेकिन सबसे ज्यादा दर्दनाक मंजर राजवीर सिंह के परिवार के लिए बन गया। राजवीर सिंह मूल रूप से राजस्थान के दौसा जिले के महुआ इलाके से ताल्लुक रखते थे। वह हाल ही में, चार महीने पहले ही जुड़वा बच्चों के पिता बने थे, लेकिन इन मासूम बच्चों के सिर से अब पिता का साया उठ गया है। उनके परिवार पर यह दुख किसी पहाड़ से कम नहीं है।
उनकी पत्नी दीपिका सिंह भी पेशे से पायलट हैं और बच्चों के जन्म के चलते इन दिनों छुट्टी लेकर घर पर ही थीं। राजवीर सिंह 14 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा दे चुके थे और लेफ्टिनेंट कर्नल के पद से रिटायर हुए थे। सेना के बाद उन्होंने आर्यन एविएशन कंपनी में बतौर पायलट काम करना शुरू किया था और उन्हें 2000 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव था। इस दुखद समाचार की सूचना परिवार को कुछ ही घंटे पहले मिली, जिसके बाद से पिता, पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में मातम पसरा है, और कोई भी बात करने की हालत में नहीं है। रिश्तेदार और परिचित भी परिवार के साथ संवेदना प्रकट करने के लिए पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ समेत कई नेताओं ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की कामना की है। गढ़वाल रेंज (उत्तराखंड) के आईजी राजीव स्वरूप ने जानकारी दी कि हादसे के बाद शव बुरी तरह जल गए हैं, जिससे पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो गया है। डीएनए जांच के बाद ही शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
