जयपुर

अच्छी खबर! जयपुर में खुलेगा प्रदेश का पहला ऑटोनॉमस इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट, ये होंगी इसकी खासियतें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 8, 2023, 04:53 PM IST

Jaipur: राज्य सरकार 100 करोड़ रु. की लागत से जयपुर में विश्वविद्यालय स्तर का इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट खोलने की तैयारी में है। यह राज्य का पहला ऑटोनॉमस इंस्टीट्यूट होगा। यहां पर यूजी व पीजी से लेकर पीएचडी तक की स्टडी के लिए अपना सिलेबस तैयार किया जाएगा। बजट सत्र में सरकार इसका बिल पेश करने की तैयारी में है।

Image

जयपुर में खुलेगा राजस्थान का पहला ऑटोनॉमस इंस्टीट्यूट (सांकेतिक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • यह राज्य का पहला ऑटोनॉमस इंस्टीट्यूट होगा
  • यहां पर यूजी व पीजी से लेकर पीएचडी के लिए सिलेबस तैयार होगा
  • ये इंस्टीट्यूट विश्वविद्यालय स्तर का होगा

Jaipur: राजधानी जयपुर समेत राजस्थान के लोगों के लिए ये एक अहम खबर है। न्यू ईयर में इस बार प्रदेश की गहलोत सरकार एक अनूठी सौगात देने की तैयारी कर रही है। बता दें कि, राज्य सरकार 100 करोड़ रु. की लागत से जयपुर में विश्व विद्यालय स्तर का इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट खोलने की तैयारी में है। बता दें कि, ऐसा यह राज्य का पहला ऑटोनॉमस इंस्टीट्यूट होगा।

यहां पर यूजी व पीजी से लेकर पीएचडी तक की स्टडी के लिए अपना सिलेबस तैयार किया जाएगा। इसके अलावा संस्थान प्रतिभागियों को डिग्री भी देगा। सूत्रों के मुताबिक, इंस्टीट्यूट का मसौदा तैयार हो चुका है। राज्य सरकार इसे 23 जनवरी से विधानसभा में शुरू होने वाले बजट सत्र में पेश कर सकती है। इसकी खास बात ये होगी कि, ये इंस्टीट्यूट विश्वविद्यालय स्तर का तो होगा मगर किसी भी महाविद्यालय को सम्बद्धता नहीं दे सकेगा। हालांकि कोटा और बीकानेर में तकनीकि संस्थान हैं। गौरतलब है कि, इसका पूरा डायग्राम झुंझुनूं जिले में स्थित बिट्स पिलानी के निदेशक प्रोफेसर सुधीर कुमार व बेंगलुरू आईआईएससी के प्रोफेसर एनसी शिवप्रकाश की कमेटी ने तैयार किया है।

जयपुर के झालाना में जमीन चिन्हित

सरकारी स्तर पर ऑटोनॉमस इंस्टीट्यूट की इमारत बनाने को लेकर राजधानी के झालाना क्षेत्र में जमीन मार्क कर ली गई है। जानकारी के मुताबिक इसमें प्रबंधक, निदेशक, अधिष्ठाता, रजिस्ट्रार समेत अन्य अधिकारियों की नियुक्ति सरकार और अधिनियम के मुताबिक ही होगी। वहीं प्रबंध मंडल, अकादमी की काउंसिल, वित्त कमेटी और संस्थान के शैक्षणिक-अशैक्षणिक पदों को भरने के लिए चयन समिति भी विश्वविद्यालय के अधिनियम के तहत कार्य करेगी। प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग के मुताबिक, इंस्टीट्यूट में शैक्षणिक व अशैक्षणिक पदों पर भर्ती के नियम बनेंगे व योग्यता व परीक्षा के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी। मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग के मुताबिक, यह एक अलग तरह का इंस्टीट्यूट बनेगा। आगामी 23 जनवरी को विधानसभा के बजट सत्र में इसका मसौदा पेश किए जाने की तैयारी की जा रही है। इस इंस्टीट्यूट में रोजगार के एंगल से सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स करवाए जाएंगे। मंत्री सुभाष गर्ग के मुताबिक, इंस्टीट्यूट खुलने के बाद प्रदेश के युवाओं को इसका फासदा मिलेगा। अब उन्हें तकनीकि एजुकेशन के लिए अन्य राज्यों की ओर कूच नहीं करना पड़ेगा।
टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article