एक राज्य में एक साथ 18 लाख लोगों की पेंशन बंद होना निश्चित तौर पर चिंता का विषय है। इतने लोगों की पेंशन एक साथ बंद करने से सरकार के खिलाफ लोगों को रोष भी भड़क सकता है। इसके बावजूद राजस्थान में 18 लाख पेंशन भोगियों की पेंशन बंद होने की कगार पर है। ऐसा क्यों है, चलिए समझते हैं -
क्यों बंद हो सकती है पेंशन
जी हां, राजस्थान में अगले महीने से 18 लाख लोगों की मासिक पेंशन बंद हो सकती है। बड़ी बात ये है कि इसके लिए कोई अन्य नहीं, बल्कि वह लोग स्वयं जिम्मेदार होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इन 18 लाख लोगों ने अब तक भौतिक सत्यापन (Physical Verification) नहीं करवाया है।
कब करवाना होता है फिजिकल वेरिफिकेशन
निरंतर पेंशन पाने के लिए हर पेंशन भोगी को हर साल नवंबर में फिजिकल वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य होता है। लेकिन राज्य सरकार ने पेंशन भोगियों को राहत देते हुए, फिजिकल वेरिफिकेशन की तारीख 31 मार्च तक बढ़ा दी थी। इसके बावजूद करीब 18 लाख लोगों ने अभी तक भी फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं करवाया है।
सरकार की कोशिश, सबको मिले पेंशन
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत का कहना है कि सरकार की कोशिश यही है कि हर पात्र व्यक्ति को पेंशन मिले, कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित न रह जाए। लेकिन तय समय पर फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं होता है तो उनकी पेंशन रोक दी जाएगी।
राज्य में कुल कितने पेंशन भोगी
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार से कुल पेंशन भोगियों की संख्या 77 लाख, 72 हजार, 52 है। जिसमें वृद्धावस्था पेंशन वाले लोगों की संख्या 51 लाख, 35 हजार, 135 है। एकल नारी पेंशन भोगियों की संख्या 18 लाख, 3 हजार, 188 और विशिष्ट योग्यजन की संख्या 6 लाख, 25 हजार, 840 के साथ ही कृषक वृद्धजन पेंशन भोगियों की संख्या 2 लाख, 7 हजार, 909 है।
केंद्र सरकार की स्कीम के लाभार्थियों की संख्या भी 13 लाख, 52 हजार, 21 है। इसमें वृद्धावस्था पेंशन भोगियों की संख्या 9 लाख, 18 हजार, 959 है। विधवा पेंशन के लाभार्थियों की संख्या 4 लाख,16 हजार, 327 है और 16 हजार 735 दिव्यांग जन हैं, जिन्हें पेंशन मिलती है।
राज्य और केंद्र दोनों मदों में पेंशन पाने वाले कुल पेंशन भोगियों की संख्या करीब 91 लाख, जिनमें से 73 लाख ने सफलतापूर्वक अपना फिजिकल वेरिफिकेशन करवा लिया है। 18 लाख, 12 हजार लाभार्थियों ने अपना वेरिफिकेशन नहीं करवाया है।
