राजस्थान के नागौर में प्रॉपर्टी को लेकर बच्चों द्वारा परेशान किए जाने से तंग आकर एक बुजुर्ग दंपत्ति ने आत्महत्या कर ली। गुरुवार को उनके शव घर के पानी के टैंक के अंदर मिले। साथ ही घर की दीवारों पर एक सुसाइड नोट चिपका हुआ मिला। सुसाइड नोट के अनुसार, उनके बेटे और बहुएं संपत्ति को लेकर उन्हें परेशान कर रहे थे। सुसाइड नोट से खुलासा हुआ है कि उनके बच्चे उनकी संपत्ति हड़पना चाहते थे।
दंपत्ति ने छोड़ा सुसाइड नोट
इसके अलावा भी सुसाइड नोट में कई खुलासे हुए हैं। दंपत्ति ने सुसाइड नोट में लिखा कि न केवल उनके बेटों और उनकी बहुओं ने कई बार उनके साथ मारपीट की, बल्कि उन्होंने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी और उन्हें खाना देना बंद कर दिया। इतना ही नहीं, दंपत्ति को कटोरा लेकर भीख मांगने तक के लिए कहा गया।
पानी टंकी में कूदकर की आत्महत्या
बता दें कि 70 वर्षीय हजारीराम बिश्नोई और उनकी 68 वर्षीय पत्नी चावली देवी राजस्थान के नागौर में रहते थे और गुरुवार को करणी कॉलोनी में उनके घर के अंदर एक पानी की टंकी से उनके शव बरामद किए गए। दंपत्ति के चार बच्चे हैं। इनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। अपने घर की दीवार पर चिपके दो पन्नों के सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि उनके एक बेटे राजेंद्र ने उन्हें तीन बार पीटा, जबकि दूसरे सुनील ने दो बार पीटा।
दंपत्ति ने धमकाने का लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि उनके बेटे और बेटियों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे किसी भी तरह से कुछ न बोलें या कोई शिकायत न करें, नहीं तो वे उन्हें सोते हुए ही मार देंगे। सुसाइड नोट में उनके बेटे, बहुएं समेत कई रिश्तेदारों के नाम हैं। दंपत्ति ने कहा कि उनके बच्चे सारी संपत्ति चाहते थे, जो उनके नाम पर थी और रिश्तेदारों ने उन्हें किसी भी तरह से इसे हासिल करने के लिए उकसाया था।
