नवरात्रि के आखिरी दिन बाड़मेर शहर के कल्याणपुर इलाके में बुधवार रात को आयोजित डांडिया महोत्सव ने सांस्कृतिक उल्लास की नई ऊंचाइयों को छुआ। हजारों लोगों की भीड़ के बीच मंच पर वह क्षण आया, जिसने हर किसी को रोमांचित कर दिया। निर्दलीय विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी और शिव विधानसभा क्षेत्र के युवा विधायक रविंद्र सिंह भाटी जब डांडिया स्टिक्स थामकर मंच पर उतरे, तो दर्शकों ने तालियों और जयकारों से पूरा माहौल गूंजा दिया।
दोनों विधायकों ने गुजराती लोक धुन “मोर छड़ी लैके रे” पर करीब एक मिनट तक धमाकेदार गरबा और डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। प्रियंका चौधरी गुलाबी साड़ी में पारंपरिक राजस्थानी ठाठ-बाट का प्रतीक बनीं, वहीं काली शर्ट में रविंद्र सिंह भाटी युवा ऊर्जा का जोश लेकर मंच पर उतरे। उनके घुमावदार स्टेप्स, ठुमके और डांडिया स्टिक्स की चटक-चटक देखकर लोग मंत्रमुग्ध रह गए। इस दृश्य को दर्शकों ने मोबाइल कैमरों में कैद किया और लगातार तालियां बजाकर उत्साह जताया।
कार्यक्रम के बाद प्रियंका चौधरी ने कहा कि “गरबा गुजरात की धरोहर है, लेकिन राजस्थान में हम इसे अपने अंदाज में जीते हैं। यह हमारी विविधता में एकता का प्रमाण है।” उन्होंने रविंद्र भाटी की सराहना करते हुए उन्हें युवाओं का प्रेरणास्रोत बताया। वहीं, रविंद्र भाटी ने भी प्रियंका चौधरी को बहन संबोधित करते हुए कहा कि “यह पल मेरे लिए बेहद यादगार है। नवरात्रि हमें सिखाती है कि सीमाओं से परे एकता ही हमारी ताकत है।”
आयोजकों के अनुसार, यह गरबा महोत्सव नवरात्रि 2025 (22 सितंबर से 2 अक्टूबर) के बीच आयोजित है। पूरे शहर में मां दुर्गा की भक्ति का माहौल छाया रहा और हजारों लोग पारंपरिक परिधानों में शामिल होकर उत्सव का हिस्सा बने। विधायकों की मौजूदगी ने युवाओं को खासा उत्साहित किया, खासकर जब प्रियंका और रविंद्र सिंह भाटी ने मंच पर डांस स्टेप्स सीखने की कोशिश की।
इस आयोजन ने बाड़मेर में नवरात्रि की रंगत को और निखार दिया। राजनीति और संस्कृति के संगम ने यह संदेश दिया कि परंपराओं के माध्यम से समाज को जोड़ने की ताकत सबसे बड़ी है।
