जयपुर

डिटेंशन सेंटर घोषित हुई कोटा जेल, यहां रखी जाएंगी भारत में अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी महिलाएं

राज्य सरकार ने कोटा केंद्रीय जेल के महिला बंदी गृह को विदेशी हिरासत केंद्र घोषित कर दिया है। यहां उन महिलाओं को रखा जाएगा, जो विदेशी हैं और बिना अनुमति के अवैध रूप से भारत में रह रही हैं। अब अजमेर जेल में बंद अधिकांश बांग्लादेशी महिलाओं को कोटा स्थानांतरित किया जाएगा।

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डिटेंशन सेंटर घोषित हुई कोटा जेल

Photo : Times Now Digital

कोटा केंद्रीय जेल को भजनलाल सरकार ने डिटेंसन सेंटर बना दिया है। इसमें उन महिलाओं को रखा जाएगा जो विदेशी हैं और बिना अनुमति के अवैध रूप से भारत में रह रही हैं। राज्य सरकार ने यहां के महिला बंदी गृह को विदेशी हिरासत केंद्र घोषित किया है। अभी ये अजमेर जेल में हैं, जिनमें अधिकांश बांग्लादेश की हैं। वहीं, कोटा जेल से महिला बंदियों को अजमेर शिफ्ट करेंगे।

जेल अधीक्षक राजेंद्रकुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने कोटा महिला बंदी गृह को डिटेंसन सेंटर घोषित किया है। इसके तहत वे महिलाएं इसमें रहेंगी, जो विदेशी हैं, लेकिन अवैध रूप से देश में रह रही हैं। अजमेर जेल में अभी 33 बांग्लादेशी महिलाएं हैं। अन्य जेलों से भी विदेशी महिलाओं को कोटा लाया जाएगा। कोटा से 40 महिला बंदियों व कैदियों को अजमेर भेजा जाएगा। वहीं कोटा महिला बंदी गृह की सुरक्षा में पुलिस व आरएसी की टुकड़ी लगेगी।

जल्द किया जाएगा डिपोर्ट

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा कि अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजने और देश से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार अब तक हजारों लोगों की पहचान कर चुकी है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि राजस्थान की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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