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जयपुर वालों की बल्ले-बल्ले! मेट्रो प्रोजेक्ट के दूसरे फेज को मिली मंजूरी, 36 स्टेशन होंगे शामिल

Jaipur Metro Phase 2 Project: केंद्र सरकार ने जयपुर मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है, जिससे शहर का मेट्रो नेटवर्क और मजबूत होगा। इस परियोजना के तहत लंबा कॉरिडोर और कई नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जो प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ेंगे।

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जयपुर मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण को मंजूरी दी (फोटो: ANI)

Photo : ANI

Jaipur Metro Phase 2 Project: जयपुर वालों के लिए खुशखबरी है, जिससे शहर को एक नई रफ्तार मिलेगी। बता दें कि, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जयपुर मेट्रो (Jaipur Metro) परियोजना के दूसरे चरण को बुधवार को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि, इस परियोजना के तहत 41 किलोमीटर लंबा परिपथ (Circuit) होगा जिसमें 36 स्टेशन शामिल होंगे और इसकी कुल लागत 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा होगी। इस परियोजना का कार्यान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (आरएमआरसीएल) द्वारा किया जाएगा, जो भारत सरकार और राजस्थान सरकार का एक संयुक्त उद्यम है।

प्रह्लादपुरा से टोड़ी मोड़ तक उत्तर-दक्षिण परिपथ को मंजूरी

वैष्णव ने यहां प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रह्लादपुरा से टोड़ी मोड़ तक उत्तर-दक्षिण परिपथ को मंजूरी दी और इस परियोजना की कुल लागत 13,037.66 करोड़ रुपये होगी। फेज-2 के तहत विकसित होने वाला यह कॉरिडोर शहर के कई प्रमुख और व्यस्त इलाकों को आपस में जोड़ेगा, जिनमें सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, वीकेआईए, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल व स्टेडियम, अंबाबारी और विद्याधर नगर शामिल हैं। इस रूट पर कुल 36 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत स्टेशन भी बनाए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए इंटरचेंज की व्यवस्था भी होगी। साथ ही, इस कॉरिडोर को पहले से संचालित फेज-1 मेट्रो लाइन से जोड़ा जाएगा, जिससे पूरे शहर में एक सुगम और शानदार मेट्रो नेटवर्क तैयार हो सकेगा।

60 हजार यात्री सफर कर रहे सफर

फिलहाल जयपुर मेट्रो के पहले चरण में रोजाना करीब 60 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। यह चरण 11.64 किलोमीटर के छोटे रूट पर संचालित हो रहा है। जैसे ही दूसरा चरण शुरू होगा, यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे शहर में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ेगा और लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। कैबिनेट के अनुसार, इस परियोजना के लिए वित्तीय ढांचा मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत तैयार किया गया है। इसमें केंद्र और राजस्थान सरकार की इक्विटी हिस्सेदारी के साथ-साथ ऋण और विभिन्न बहुपक्षीय संस्थाओं से मिलने वाले फंड का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने इस परियोजना को सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

(भाषा इनपुट के साथ)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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