शहर

Indore News: सबसे साफ शहर में गंदे पानी ने ले लीं 7 जानें, 100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती

Indore News: जिस शहर के पास देश का सबसे साफ शहर का तमगा हो वहां लोगों को साफ पानी भी मयस्सर नहीं है। दूषित पानी ने यहां भागीरथपुरा इलाके के 100 से अधिक लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि अबतक 7 लोग दम तोड़ चुके हैं।

Image

गंदा पानी पीने के कारण अस्पताल में भर्ती मरीज (स्क्रीनग्रैब : ANI)

Photo : ANI

Indore News: देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा रखने वाले इंदौर में दूषित पेयजल से फैली बीमारी ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। घटना सामने आने के बाद प्रशासन, नगर निगम और राज्य सरकार हरकत में आ गई है।

मेयर ने ली नैतिक जिम्मेदारी

इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने सात मौतों की पुष्टि करते हुए कहा कि वह इस घटना की पूरी नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वक्त प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है। मेयर के अनुसार कुल 116 लोग बीमार हुए, जिनमें से 36 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी मरीजों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

लापरवाही पर गिरी गाज

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर निगम के एक जोनल अधिकारी और एक सहायक अभियंता को निलंबित, जबकि एक प्रभारी सब-इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। दूषित पेयजल कांड की जांच के लिए आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाएगी कि लापरवाही कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

पाइपलाइन लीकेज से दूषित हुआ पानी

नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव ने बताया कि भागीरथपुरा में मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन में लीकेज पाया गया है। इस पाइपलाइन के ऊपर शौचालय बना हुआ था, जिससे संभवतः पानी दूषित हुआ और बीमारी फैली। बीमार लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया है। वर्मा हॉस्पिटल में 30, ईएसआईसी में 11, एमवाय में 5, त्रिवेणी में 7 और अरविंदो हॉस्पिटल में 2 मरीज भर्ती हैं। कुल मिलाकर अब तक 111 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 18 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।

घर-घर सर्वे, हजारों की जांच

भागीरथपुरा क्षेत्र में हालात पर काबू पाने के लिए 2703 घरों का सर्वे किया गया है। लगभग 12 हजार लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और 1146 मरीजों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। 15 गलियों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें तैनात हैं। क्षेत्र में 4 एम्बुलेंस, 14 डॉक्टर, 24 एमपीडब्ल्यू और एमवाय हॉस्पिटल की कम्युनिटी मेडिसिन टीम लगातार काम कर रही है।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

और पढ़ें
End of Article