Indore Metro Expansion : इंदौर में मेट्रो रेल अब मौजूदा छह किलोमीटर से बढ़कर 17 किलोमीटर लंबे मार्ग पर दौड़ेगी। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल पांच सितंबर को इस विस्तारित सेवा का उद्घाटन करेंगे। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) ने यह जानकारी दी। विस्तारित सेवा के उद्घाटन के साथ इस सेवा का वाणिज्यिक परिचालन आम यात्रियों के लिए छह सितंबर से शुरू होगा। विस्तारित सेवा की पहली मेट्रो रेल दोनों छोर से रोजाना सुबह नौ बजे रवाना होगी, जबकि अंतिम ट्रेन शाम सात बजे चलेगी। अधिकारी के मुताबिक, यात्रियों को हर 15 मिनट में मेट्रो रेल मिलेगी और प्रतिदिन इसके 80 से अधिक फेरे संचालित किए जाएंगे।
वर्तमान में इंदौर मेट्रो का वाणिज्यिक परिचालन गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर-3 स्टेशन तक छह किलोमीटर के मार्ग पर किया जा रहा है। सेवा विस्तार के बाद अब मेट्रो गांधी नगर स्टेशन से मालवीय नगर चौराहा स्टेशन तक 17 किलोमीटर लंबे मार्ग पर संचालित होगी। विस्तारित सेवा में मेट्रो रेल कुल 16 स्टेशन तक का सफर तय करेगी जिससे प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच आवागमन के लिए इसकी सुविधा व्यापक हो जाएगी। शहर में कुल 31.32 किलोमीटर लंबे मेट्रो रेल गलियारे के निर्माण के लिए वर्ष 2019 से काम जारी है।
हालांकि, गुजरे बरसों के दौरान सघन आवासीय और वाणिज्यिक इलाकों में इस परियोजना को बाधाओं का सामना करना पड़ा है। इन इलाकों के कई लोग परियोजना का यह कहते हुए विरोध कर रहे हैं कि इससे आम जनजीवन प्रभावित होगा और उनके कारोबार में परेशानी आएगी।
इंदौर-उज्जैन के बीच मेट्रो सेवा का प्लान
इंदौर-उज्जैन के बीच 45 किलोमीटर लंबे रूट के बीच कुल 11 स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। फिलहाल, तैयार डीपीआर के अनुसार इन स्टेशनो के नाम इंदौर की ओर भरवला, बरौली, धरमपुरी, तराना, सांवेर, पंथ पिपलाई, निनोरा, त्रिवेणी घाट, नानाखेड़ा, उज्जैन आईएसबीटी और उज्जैन रेलवे स्टेशन होंगे। उज्जैन में एलिवेटेड और भूमिगत मेट्रो दोनों शामिल होंगी। सड़क के बीच में पिलर खड़े किये जाएंगे। जानकारी के मुताबिक, नानाखेड़ा से उज्जैन रेलवे स्टेशन (Ujjain Railway Station) तक भूमिगत ट्रैक बनाया जाएगा। हालांकि कितने किलोमीटर ट्रैक भूमिगत होगा ये अंतिम डीपीआर तय होने के बाद पता चलेगा। कयास लगाए जा रहे हैं लवकुश चौराहे से उज्जैन तक का सफर महज 45 से 50 मिनट में कवर होगा, जिससे दोनों शहरों और बीच के स्टेशनों से यात्रा करने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी। वर्तमान में दोनों शहरों के बीच सड़क मार्ग के जरिए करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। इस परियोजना के पूर्ण होने से कनेक्टिविटी काफी बेहतर और सुगम होगी। लोग कम समय में बाबा महाकाल के दर्शन समेत अन्य व्यापारिक गतिविधियों को पूरा कर अपने घर लौट सकेंगे।
