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पानी की गोद में रफ्तार का रोमांच देगी मेट्रो, 18 शहरों में AC 'वाटर मेट्रो' कराएगी सफर; क्या आपके शहर का भी है नाम?

Water Metro : वाटर मेट्रो अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक जहाज 42 मीटर लंबा और वातानुकूलित है, जिसमें 50 यात्रियों के बैठने और 25 यात्रियों के खड़े होने की क्षमता है। बिहार में प्रस्तावित पहले चरण के तहत वाटर मेट्रो सेवा दीघा घाट से पटना सिटी के कंगन घाट तक संचालित की जा सकती है।

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वाटर मेट्रो सेवा

Water Metro : देश में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कोच्चि वाटर मेट्रो की सफलता के बाद केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें देश के 18 शहरों में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की संभावनाओं पर काम कर रही हैं। प्रस्तावित शहरों में बिहार का पटना, उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या के अलावा जम्मू-कश्मीर का श्रीनगर भी शामिल है। इन शहरों में नदियों और झीलों को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।

पटना में दीघा घाट से कंगन घाट तक पहला कॉरिडोर

बिहार में प्रस्तावित पहले चरण के तहत वाटर मेट्रो सेवा दीघा घाट से पटना सिटी के कंगन घाट तक संचालित की जा सकती है। इस रूट पर गांधी घाट और गाय घाट प्रमुख स्टॉपेज होंगे। शुरुआती किराया करीब 20 रुपये रखने की योजना है। दूसरे चरण में इस सेवा का विस्तार दानापुर और सोनपुर (हरिहरनाथ) तक किए जाने का प्रस्ताव है।

वाटर मेट्रो सेवा

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प्रस्तावित वाटर मेट्रो सेवा अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक नौकाओं पर आधारित होगी। प्रत्येक नौका लगभग 42 मीटर लंबी होगी और इसमें 50 यात्रियों के बैठने तथा 25 यात्रियों के खड़े होकर यात्रा करने की क्षमता होगी। नौकाओं में एयर कंडीशनिंग, सीसीटीवी, एलसीडी डिस्प्ले, साउंड सिस्टम और बड़ी कांच की खिड़कियों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

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कोच्चि मॉडल बना उदाहरण

भारत की पहली वाटर मेट्रो सेवा अप्रैल 2023 में कोच्चि में शुरू हुई थी। इसे पारंपरिक फेरी सेवा के बजाय आधुनिक, तकनीक आधारित और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित किया गया। परियोजना में इलेक्ट्रिक नौकाओं, आधुनिक टर्मिनलों, डिजिटल टिकटिंग और मेट्रो रेल समेत अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के साथ एकीकृत संचालन की व्यवस्था विकसित की गई। कोच्चि मॉडल ने सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के साथ जल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित, तेज और किफायती आवागमन उपलब्ध कराया। इसके साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी और स्वच्छ परिवहन को भी बढ़ावा मिला।

वाटर मेट्रो सेवा

वाटर मेट्रो सेवा

कई राज्यों में तैयार हो रहा रोडमैप

कोच्चि वाटर मेट्रो की सफलता के बाद महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, असम के डिब्रूगढ़ और तेजपुर, जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या तथा बिहार के पटना में वाटर मेट्रो परियोजनाओं की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जा रहा है। अलग-अलग शहरों में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और पर्यटन तथा शहरी परिवहन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रूट तय किए जा रहे हैं।

रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर वाटर मेट्रो नेटवर्क विकसित होने से इलेक्ट्रिक नौका निर्माण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक टर्मिनल, जलमार्ग इंजीनियरिंग, परियोजना प्रबंधन, पर्यटन और शहरी परिवहन जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

वाटर मेट्रो सेवा

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लोकनाथ बेहरा की अहम भूमिका

कोच्चि वाटर मेट्रो परियोजना को विकसित करने का श्रेय कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड (KMRL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकनाथ बेहरा और उनकी टीम को दिया जाता है। उनकी अगुवाई में अप्रैल 2023 में यह सेवा शुरू हुई। इसी योगदान के चलते उन्हें "वाटर मेट्रो मैन ऑफ इंडिया" और "एक्वा मैन ऑफ इंडिया" के नाम से भी जाना जाता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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