Sheopur News: मध्य प्रदेश के श्योपुर से एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां हाईवे किनारे एक मासूम बच्ची लावारिस हालत में मिली। पुलिस जांच में बच्ची की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार 2 साल पहले 6 दिन की बच्ची को करीब एक लाख रुपये में खरीदा गया था। अब उसे बोझ समझकर सड़क किनारे छोड़ दिया गया। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें चार महिलाएं भी शामिल हैं।
बच्ची को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया
यह मामला 18 अप्रैल की सुबह सामने आया, जब डायल-112 पर पुलिस को सूचना मिली कि मानपुर थाना क्षेत्र में सोइखुर्द के पास NH-552 पर एक लावारिस बच्ची मिली है। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। जहां उसकी मेडिकल जांच कराई गई। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से एक संदिग्ध कार की पहचान की गई। यह कार भोपाल निवासी आकाश मूदडा के नाम पर रजिस्टर्ड निकली।
6 दिन की बच्ची को दो साल पहले खरीदा
जब पुलिस ने भोपाल जाकर आरोपी दंपति से पूछताछ की तो शुरुआत में उन्होंने बच्ची को गोद लेने की बात कही। लेकिन पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि बच्ची को इंदौर से करीब 1 लाख रुपये में खरीदा गया था। जिसके बाद पुलिस ने मामले में मानव तस्करी और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तीन स्पेशल टीमों का गठन कर उन्हें इंदौर भेजा गया। जिसके बाद मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी पकड़ लिया गया।
इस पूरे मामले में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 4 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब बच्ची के असली माता-पिता की तलाश कर रही है, साथ ही इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच की जा रही है।
