हरिद्वार : सोमवती अमावस्या स्नान पर्व और वीकेंड पर श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने शनिवार को ही हरिद्वार की यातायात व्यवस्था की परीक्षा ले ली। भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक के बावजूद शहर के प्रमुख मार्गों पर सुबह से दोपहर तक लंबा जाम लगा रहा। रोड़ीबेलवाला से भूपतवाला तक वाहनों की कतारें लगी रहीं, जबकि दोपहर के समय जाम का दायरा शंकराचार्य चौक से भूपतवाला तक फैल गया। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को घंटों रेंगते हुए सफर करना पड़ा।
13 से 15 जून तक विशेष यातायात योजना तैयार
आगामी सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 13 से 15 जून तक विशेष यातायात योजना तैयार की है। एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब की ओर से आने वाले वाहनों के लिए अलग रूट और पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। अलकनंदा, दीनदयाल, पंतदीप और चमगादड़ टापू पार्किंग को प्रमुख पार्किंग स्थल बनाया गया है। यातायात दबाव बढ़ने पर वाहनों को नगलाइमरती से डायवर्ट कर लक्सर, फेरूपुर और सत्तीचौक होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग भेजा जाएगा।
मुरादाबाद और नजीबाबाद से आने वाले छोटे वाहन चिड़ियापुर, श्यामपुर और चंडी चौक मार्ग से शहर में प्रवेश करेंगे, जबकि बड़े वाहनों को नीलधारा-गोरीशंकर पार्किंग में रोका जाएगा। देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहनों के लिए लालजीवाला, पंतदीप और चमगादड़ टापू पार्किंग निर्धारित की गई है। चारधाम यात्रा से लौटने वाले वाहनों को भी अलग रूट से निकाला जाएगा ताकि शहर के भीतर दबाव कम किया जा सके।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 13 जून सुबह छह बजे से रात दस बजे तक तथा 14 जून सुबह छह बजे से स्नान पर्व समाप्त होने तक हरिद्वार शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। 15 जून तड़के तीन बजे से दिल्ली-मेरठ मार्ग से आने वाले बड़े वाहनों को भी शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर चीला मार्ग को केवल शहर से बाहर जाने वाले वाहनों के लिए आरक्षित किया जाएगा, जबकि ऑटो और विक्रम संचालन पर भी कई स्थानों पर प्रतिबंध लागू रहेगा।
पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा से पहले ट्रैफिक प्लान की जानकारी लेने और निर्धारित रूट एवं पार्किंग व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ और यातायात की वास्तविक स्थिति के अनुसार डायवर्जन व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
