उदयपुर: राजस्थान पुलिस ने उदयपुर में 800 लोगों से लूट करने वाले गैंग को पकड़ा है। ये गैंग 6 महीने में कॉलगर्ल का लालच देकर करीब 800 लोगों को अपना शिकार बनाया है। अनुमानित आंकड़ा लूट का करीब 5 करोड़ रुपये पहुंच रहा है। गैंग के मास्टरमाइंड ने अपना एक ऐप बना रखा था, जिसके बाद यह लोगों को सुंदर मॉडल की फोटो प्रोफाइल में लगाकर हनी ट्रैप कर फंसाता था। जैसे ही इस गैंग को कोई कॉल करता, ये लोग उसे सुनसान जगह बुला लेते थे, जिसके बाद हथियार के दम पर लूट लेते थे।
व्हाट्सएप पर भेजते थे तस्वीर
उदयपुर पुलिस के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि शहर में एक गिरोह सक्रिय है, जो व्हाट्सएप पर लोगों को खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरें भेजता है। इतनी ही नहीं लड़कियां लोगों को बुकिंग के बहाने सुनसान जगहों पर बुलाकर उन्हें लूट लेती थीं।
बदनामी के डर से लोगों ने नहीं की शिकायत
लूट लिए जाने के बाद लोग बदनामी के डर से न तो किसी से बात शेयर करते थे और न ही पुलिस से शिकायत करते थे। जब पुलिस को इस तरह की प्रक्रिया के बाद लूट लिए जाने के गिरोह के बारे में पता चला तो उसने भी नया पैंतरा अपनाया। पुलिस भी आरोपियों के पास बोगस ग्राहक बनकर पहुंची। पुलिस ने पहले अशोक सेन, सुबराती खान, दीपक मीणा, प्रीतम सिंह और मनीष चौधरी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई, जिनसे पता लगा कि गैंग का मास्टरमाइंड जयपुर का राकेश मीणा है। पुलिस पकड़े गए लोगों के सुझाव से शातिर मास्टरमांइड को भी जयुपर के मौजमाबाद दूदू हाल चित्रकूट से दबोच लिया।
ठगी के लिए बनाई वेबसाइट
आरोपी के मुताबिक, उसने अपने दोस्त अंकित के साथ मिलकर वेबसाइट तैयार की थी। जिस पर कॉलगर्ल सप्लाई का झांसा दिया जाता था। आरोपियों को जिस शहर में वारदात करनी होती थी, उसके नाम से एक पेज बना लेते थे। जब इसको कोई ओपन करता तो कॉलगर्ल इन उदयपुर या संबंधित जिलों की लिस्ट खुलकर आ जाती। ग्राहक को फंसाने के लिए ये लोग इंस्टाग्राम से चुराई मॉडलों की तस्वीरें भेज देते थे। ये लोग भरोसा दिखाने के लिए पेमेंट कैश में लेने की बात करते थे।
ये था लूटने का पूरा प्रोसेस
ऐप पर क्लिक करने पर लड़की की फेक प्रोफाइल दिखती थी। चैट ऑप्शन में सिर्फ हाय लिखने पर ही कई खूबसूरत फोटो जयपुर से गैंग के लोग भेजते थे। उनमें से जो भी फोटो कस्टमर सेलेक्ट करता तो फिर उसका रेट तय किया जाता था। इसके बाद लड़की को ड्रॉप करने के लिए उसकी जानकारी ली जाती थी। बाद में बताई लोकेशन पर 4-5 बदमाश कार लेकर जाते थे। साथ में लड़की भी होती थी। लूट के दो तरीके थे। पहले तरीके में देखा जाता था कि कस्टमर कौन सी कार लेकर आया है और कितना अमीर है। गैंग के लोग लड़की को कार में बैठाकर दूर से दिखाते थे फिर पैसे लेने के बाद ये लोग औजार दिखाकर कस्टमर को डरा देते थे। लिहाजा, बदनामी के भय से ग्राहक वहां से चला जाता था। दूसरे तरीके में थार गाड़ी यूज होती थी। गैंग का मेंबर पीछे कार में कस्टमर को बैठने के लिए कहता था। बैठने के बाद उसको डराया जाता था और सुनसान जगह पर ले जाकर लूटकर छोड़ देते थे।
पुलिस ने इन लोगों के पास से 3 महंगी कारें और महंगे फोन बरामद की हैं। पढ़े लिखे आरोपी लग्जरी लाइफ जीने के शौकीन बताए गए हैं। इसके अलावा लैपटॉप भी बरामद किया गया है।
