Delhi Police Hotel Security Check: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के खिलाफ 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर आ गई है। राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की टीमें पहाड़गंज, मध्य दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के होटलों, गेस्ट हाउसों तथा पीजी (PG) में ठहरे 'संदिग्ध' मेहमानों की गहन जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला है कि देश के अलग-अलग राज्यों से युवा और प्रदर्शनकारी समूहों में दिल्ली पहुंच रहे हैं।
होटलों में चेकिंग और 20-30 वर्ष के युवाओं पर विशेष नजर
HT की रिपोर्ट में पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि दिल्ली पुलिस की बीट टीमें होटलों के लॉग बुक और ऑनलाइन बुकिंग डेटा को खंगाल रही हैं।
8 से 11 अक्टूबर के बीच रुकने वालों की जांच: पुलिस विशेष रूप से 8 से 11 अक्टूबर के बीच होटल में ठहरने वाले लोगों, 20 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं के समूहों और उनके दिल्ली आने के उद्देश्यों की पड़ताल कर रही है।
रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट पर निगरानी: दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के आसपास निगरानी बढ़ा दी है। बाहरी राज्यों से आने वाले संदिग्ध समूहों की जानकारी जुटाई जा रही है।
स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच को मिला ध्रुव राठी व अभिजीत दीपके की लोकेशन का जिम्मा
मीडिया रिपोर्ट में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, स्थानीय पुलिस जहां संभावित प्रदर्शनकारियों की जांच कर रही है, वहीं दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Special Cell) और क्राइम ब्रांच (Crime Branch) जैसी विशेष इकाइयों को CJP के प्रमुख नेताओं की निगरानी का काम सौंपा गया है।
एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा गया, 'सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के ठहरने के स्थान (Location) का पता लगाना और उन पर नजर रखना स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीमों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।'
जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; धारा 163 लागू
CJP के सह-संयोजक सौरव दास द्वारा 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर पुलिस को दी गई सूचना के बाद जंतर-मंतर, निर्वाचन आयोग मुख्यालय और मध्य दिल्ली के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
CAPF की तैनाती: राष्ट्रीय राजधानी में पैरामिलिट्री (CAPF) की 200 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं।
बॉडी कैमरों का उपयोग: किसी भी अप्रिय घटना या हाथापाई से निपटने के लिए ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों को 150 बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए गए हैं।
