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VIDEO: स्पीति में नदी पार करते समय झूले की रस्सी टूटी, 2 घंटे तक हवा में फंसा रहा युवक, ऐसे हुआ रेस्क्यू

Himachal News: हिमाचल के स्पीति स्थित समलिंग गांव में नदी पार करते वक्त झूले की रस्सी और पुली टूट गई। 2 घंटे हवा में फंसे शिमला के युवक को काजा फायर ब्रिगेड ने सुरक्षित बचाया।

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जिले लाहौल-स्पीति के ढंखर क्षेत्र स्थित समलिंग गांव में एक बड़ा हादसा होते-होते बाल-बाल टल गया। यहां नदी पार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक केबल ट्रॉली की रस्सी और पुली अचानक टूट गई। इसके चलते एक 26 वर्षीय युवक नदी के बीचों-बीच काफी ऊंचाई पर करीब दो घंटे तक हवा में फंसा रहा। काजा फायर ब्रिगेड की टीम ने जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

उफनती नदी के ऊपर लटका रहा युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिमला का रहने वाला 26 वर्षीय आत्मिक आनंद समलिंग गांव के पास उफनती नदी को झूले की मदद से पार कर रहा था। जैसे ही झूला नदी के बीच में पहुंचा, उसकी मुख्य पुली और लोहे की केबल अचानक टूट गई। झूला बीच रास्ते में ही अटक गया और आत्मिक हवा में असहाय होकर झूलने लगा। नीचे तेज बहाव वाली नदी और ऊपर टूटा हुआ झूला होने के कारण मौके पर मौजूद ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना उप-मंडल मुख्यालय काजा की फायर ब्रिगेड टीम को दी।

काजा फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम बिना कोई वक्त गंवाए आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। सब-फायर ऑफिसर सूरज भारद्वाज के नेतृत्व में जवानों ने स्थिति का जायजा लिया और योजनाबद्ध तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नदी के तेज बहाव के बावजूद दमकल जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर हवा में अटके झूले तक पहुंचे। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत और कड़ी रणनीति के बाद टीम ने युवक को सुरक्षित किनारे पहुंचा दिया।

स्थानीय लोगों ने जवानों के साहस को सराहा

सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने के बाद युवक आत्मिक आनंद और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली। सकुशल बाहर निकलने पर आत्मिक ने फायर ब्रिगेड की टीम का आभार व्यक्त किया। स्थानीय ग्रामीणों ने कठिन परिस्थितियों में त्वरित और निडर कार्रवाई करने के लिए सब-फायर ऑफिसर सूरज भारद्वाज और उनकी पूरी टीम की जमकर तारीफ की। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घाटी में बने ऐसे पुराने और जर्जर झूलों की मरम्मत और सुरक्षा जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं से बचा जा सके।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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