Himachal Pradesh Monsoon: हिमाचल प्रदेश में जारी मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और अन्य हादसों ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 30 जून से 9 अगस्त 2026 तक प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं और सड़क हादसों के कारण 157 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 257 लोग घायल हुए हैं और दो लोग अब भी लापता हैं।
आपदाओं में 68 और सड़क हादसों में 89 मौतें
आंकड़ों के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी घटनाओं में 68 लोगों की जान गई है। इनमें लैंडस्लाइड, बाढ़, बादल फटना, डूबने, बिजली गिरने और अन्य घटनाएं शामिल हैं। वहीं सड़क दुर्घटनाओं में 89 लोगों की मौत हुई है।
मंडी, चंबा और शिमला सबसे ज्यादा प्रभावित
जिला स्तर पर चंबा में आपदाओं से 24 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि कांगड़ा और कुल्लू में 21-21 लोगों की जान गई। लाहौल-स्पीति में 18, शिमला में 20 और सिरमौर में 16 मौतें दर्ज की गई हैं। सड़क दुर्घटनाओं में भी कई जिलों में बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं।
886 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक मानसून के दौरान राज्य में अब तक 886 करोड़ (88,637.55 लाख रुपये) से अधिक का नुकसान हुआ है। इसमें लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, बिजली व्यवस्था, निजी संपत्ति, कृषि और अन्य क्षेत्रों को हुआ नुकसान शामिल है।
सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था प्रभावित
हिमाचल में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है। ताजा स्थिति के अनुसार प्रदेश में फिलहाल 259 सड़कें बंद हैं, 161 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप पड़े हैं और 54 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। प्रशासन बंद सड़कों को खोलने औक बिजली व पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है।
मानसून की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बहाली का काम तेज किया है। लोगों से मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने और संवेदनशील क्षेत्रों में बेवजह आवाजाही से बचने की अपील की जा रही है।
