Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 28 September 2026 : 28 सितंबर 2026, सोमवार का दिन है। आज पितृपक्ष की द्वितीया तिथि है। कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शाम 07:13 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि शुरू होगी। रेवती नक्षत्र सुबह 10:16 बजे तक रहेगा। इसके बाद अश्विनी नक्षत्र शुरू होगा। आज ध्रुव योग सुबह 08:54 बजे तक रहेगा। इसके बाद व्याघात योग शुरू होगा। चंद्रमा सुबह 10:16 बजे तक मीन राशि में रहेंगे और इसके बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे। पितृपक्ष के दौरान द्वितीया तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति क्या रहने वाली है।
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise and Moonrise)
आज सूर्य का उदय सुबह 06:12 बजे और सूर्यास्त शाम 06:11 बजे होगा। चंद्रमा का उदय शाम 07:04 बजे और चन्द्रास्त सुबह 07:35 बजे होगा।
तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)
आज कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शाम 07:13 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि शुरू होगी। रेवती नक्षत्र सुबह 10:16 बजे तक रहेगा। इसके बाद अश्विनी नक्षत्र शुरू होगा। योग की बात करें तो ध्रुव योग सुबह 08:54 बजे तक रहेगा। इसके बाद व्याघात योग शुरू होगा, जो 29 सितंबर की सुबह 06:13 बजे तक रहेगा।
करण (Karan)
तैतिल करण सुबह 08:08 बजे तक रहेगा। इसके बाद गर करण शाम 07:13 बजे तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण शुरू होगा।
वार एवं पक्ष (Day and Paksha)
आज सोमवार है और कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। शाम 07:13 बजे के बाद तृतीया तिथि शुरू होगी। आज पितृपक्ष की द्वितीया तिथि होने के कारण पितरों के निमित्त किए जाने वाले धार्मिक कर्मों का विशेष महत्व रहेगा।
चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)
आज विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 पिङ्गल है। चन्द्र मास आश्विन (पूर्णिमान्त) और भाद्रपद (अमान्त) है। प्रविष्टे/गते 12 है।
विक्रम संवत 2083 का मन्त्री मण्डल
राजा: गुरु — शासन व्यवस्था के स्वामी
सेनाधिपति: चन्द्र — रक्षा मंत्री एवं सेनानायक
मन्त्री: मंगल — नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी
धान्याधिपति: बुध — रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपति: गुरु — खरीफ की फसलों के स्वामी
मेघाधिपति: चन्द्र — मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपति: गुरु — धन एवं कोष के स्वामी
नीरसाधिपति: गुरु — धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपति: शनि — रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी
फलाधिपति: चन्द्र — फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र (Rashi and Nakshatra)
आज चंद्रमा मीन राशि में सुबह 10:16 बजे तक रहेंगे। इसके बाद चंद्रमा मेष राशि में प्रवेश करेंगे। रेवती नक्षत्र का चौथा चरण सुबह 10:16 बजे तक रहेगा। इसके बाद अश्विनी नक्षत्र शुरू होगा। अश्विनी का पहला चरण दोपहर 03:59 बजे तक, दूसरा चरण रात 09:41 बजे तक और तीसरा चरण 29 सितंबर की सुबह 03:23 बजे तक रहेगा। इसके बाद चौथा चरण शुरू होगा। सूर्य कन्या राशि में स्थित हैं और हस्त नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। सूर्य नक्षत्र का पहला चरण चल रहा है।
ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)
द्रिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु चल रही है, जबकि वैदिक ऋतु के अनुसार वर्षा ऋतु है। दक्षिणायण का प्रभाव बना हुआ है। दिनमान 11 घंटे 58 मिनट 27 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 02 मिनट 03 सेकंड रहेगा। मध्याह्न 12:12 बजे होगा।
28 सितंबर के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:36 बजे से 05:24 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:00 बजे से 06:12 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:11 बजे से 02:59 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:11 बजे से 06:35 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:11 बजे से 07:23 बजे तक
अमृत काल: सुबह 07:57 बजे से 09:29 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:48 बजे से 29 सितंबर की रात 12:36 बजे तक
निशिता मुहूर्त: 29 सितंबर की सुबह 02:13 बजे से 03:44 बजे तक
28 सितंबर के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)
राहुकाल: सुबह 07:42 बजे से 09:12 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:12 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 01:41 बजे से 03:11 बजे तक
आडल योग: सुबह 06:12 बजे से 10:16 बजे तक
विडाल योग: सुबह 10:16 बजे से 29 सितंबर की सुबह 06:13 बजे तक
वर्ज्य: 29 सितंबर की सुबह 05:15 बजे से 06:46 बजे तक
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:36 बजे से 01:23 बजे तक
दुर्मुहूर्त: दोपहर 02:59 बजे से 03:47 बजे तक
गण्ड मूल: पूरे दिन
पञ्चक: सुबह 06:12 बजे से 10:16 बजे तक
बाण: मृत्यु — दोपहर 01:53 बजे तक। इसके बाद अग्नि बाण रहेगा।
आनन्दादि एवं तमिल योग (Anandadi and Tamil Yog)
आनन्दादि योग में मातङ्ग योग सुबह 10:16 बजे तक रहेगा। इसके बाद राक्षस योग शुरू होगा। तमिल योग में अमृत योग सुबह 10:16 बजे तक रहेगा। इसके बाद मरण योग रहेगा।
जीवनम: पूर्ण जीवन
नेत्रम: दो नेत्र
निवास और शूल (Nivas and Shool)
होमाहुति: चन्द्र — सुबह 10:16 बजे तक। इसके बाद मंगल की होमाहुति रहेगी।
दिशा शूल: पूर्व दिशा में रहेगा।
अग्निवास: पृथ्वी पर शाम 07:13 बजे तक रहेगा। इसके बाद आकाश में रहेगा।
चन्द्र वास: उत्तर दिशा में सुबह 10:16 बजे तक रहेगा। इसके बाद पूर्व दिशा में रहेगा।
राहु वास: उत्तर-पश्चिम दिशा में रहेगा।
शिववास: शाम 07:13 बजे तक सभा में रहेगा। इसके बाद क्रीड़ा में रहेगा।
कुम्भ चक्र: उत्तर दिशा में रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी दिए गए पंचांग के आधार पर तैयार की गई है। अलग-अलग क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार तिथि एवं समय में मामूली अंतर संभव है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
