Kanwar Yatra 2024 : दिल्ली-देहरादून हाईवे (Delhi Dehradun Highway) पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। 21 जुलाई से हाईवे पर कुछ वाहनों को प्रतिबंधित किये जाने का प्लान है। जी, हां कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सावन मास के शुरू होने से दिल्ली-देहरादून हाईवे समेत सभी प्रमुख कांवड़ रूटों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इस सबंध में चार राज्यों के पुलिस प्रशासनिक आधिकारियों की बैठक में कांवड़ यात्रा का पूरा रोड मैप तैयार कर लिया गया है। इस साल 22 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होगी। यह यात्रा 2 अगस्त तक चलेगी। लिहाजा, यात्रा के दौरान दिल्ली से उत्तराखंड तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू होगा।
4 राज्यों की सरकारों ने बनाया प्लान
कांवड़ यात्रा के संबंध में मेरठ पुलिस लाइन में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में कांवड़ यात्रा का फाइनल रूट मैप तैयार कर लिया गया है। इसके लिए कुछ डायवर्जन तय किए गए है। ये डायवर्जन 21 जुलाई की रात से लागू कर दिए जाएंगे। इन रूटों पर किस प्रकार के वाहनों के संचालन की अनुमति होगी और किसके प्रवेश की अनुमति नहीं होगी ये भी फाइनल हो गया है। माना जा रहा है कि कांवड़ वाले रूट पर भारी वाहनों के जाने की अनुमति नहीं होगी।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
इस कांवड़ यात्रा को लेकर 6 जुलाई को एक और अहम बैठक आयोजित होगी, जिसमें खुद डीजीपी और प्रमुख सचिव शामिल होंगे। बैठक में दिल्ली, हरियाणा, यूपी और उत्तराखंड के पुलिस अधिकारी भी शामिल होंगे। इस बैठक में तैयारियों पर विशेष चर्चा होगी। खासकर, सुरक्षा, निगरानी समेत कई अहम मुद्दों पर विचार विमर्श कर सभी प्लान पर मुहर लगाई जाएगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान ऐसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था
- 21 जुलाई-आधी रात से हाईवे समेत सभी कांवड़ यात्रा पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद
- 25 जुलाई-आधी रात से कांवड़ मार्गों पर वनवे की व्यवस्था लागू होगी।
- 27 जुलाई NH-58 hj हरिद्वार से आने वाले हल्के वाहन बंद कर दिए जाएं। इस दौरान केवल 'पास' वाले वाहनों को चलने की अनुमति होगी।
- 29 जुलाई से 4 अगस्त तक एनएच-58 कांवड़ मार्ग और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रसवे (Delhi-Meerut Expressway) केवल कांवड़ यात्रियों के लिए खोला जाएगा।
बैठक में तय हुआ है कि कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे की हाइट 12 फीट से अधिक ऊंची नहीं रहेगी। इससे बिजली के तारों से टकराने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा उसमें बजने वाली म्यूजिक की आवाज 75 डेसिबल रखी जाएगी।
