शहर में अपने सपनों का घर बनाना लगभग हर मिडिल क्लास व्यक्ति का सपना होता है। अगर वह सपना मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में पूरा होने जा रहा हो तो फिर सोने पे सुहागा। लेकिन वही सुहाना सपना तब दुस्वप्न बन जाता है, जब घर को रहने के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया जाए। ऐसा ही कुछ हुआ है गुरुग्राम में सेक्टर 109 स्थित चिंटल पैराडाइसो सोसाइटी में।
चिंटल पैराडाइसो सोसाइटी के तीन टावरों ए, बी और सी को रहने के लिए असुरक्षित करार दिया गया है। कल यानी सोमवार 10 फरवरी को जिला उपायुक्त अजय कुमार की अध्यक्षता में केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान की बैठक हुई। इस बैठक में तीनों टावरों को रहने के लिए असुरक्षित घोषित करने वाली रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई।
जिला उपायुक्त अगले एक-दो दिन में इन टावरों को रहने के लिए असुरक्षित घोषित करने संबंधी आदेश जारी कर देंगे। इस आदेश में इन तीनों टावरों को खाली करने के लिए करीब एक महीने के समय दिया जा सकता है। यही नहीं इन टावरों में निर्मित फ्लैटों का नए सिरे से बाजार कीमत के हिसाब से मूल्यांकन करने का कार्य भी दो कंपनियों को सौंपा गया है।
दरअसल सोमवार दोपहर को जिला उपायुक्त अजय कुमार की अध्यक्षता में चिंटल पैराडाइसो सोसाइटी को लेकर गठित की गई समिति की बैठक हुई। इस बैठक में तीन टावरों को असुरक्षित घोषित करने वाली रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई।
ट्विन टावर की तरह होगा हाल
आपको याद होगा किस तरह से नोएडा में सुपरटेक बिल्डर की अवैध ट्विन टावर को कोर्ट के आदेश पर गिराया गया था। अब देखना होगा कि रहने के लिए असुरक्षित घोषित की गई चिंटल पैराडाइसो की इन तीन टावरों को भी ट्विन टावर की तरह गिराया जाता है या नहीं।
