कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी रविवार (आठ जनवरी, 2023) को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में थे। वहां ब्रह्म सरोवर के पास गंगी आरती के कार्यक्रम के दौरान उनकी लुक तपस्वी सरीखा नजर आया। गांधी के माथे पर गाढ़े पीले रंग के चंदन का त्रिपुंड लगा था, जबकि गले में रुद्राक्ष की माला और चटक लाल रंग का शॉल था। उन्होंने इस दौरान वहां शाम को वहां पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ भी किया।
गांधी ने इससे पहले कुरुक्षेत्र के पास मीडिया से कहा था, "यात्रा को हर जगह जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। यह यात्रा डर, नफरत, महंगाई, बेरोजगारी के खिलाफ है।" भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए वह आगे बोले- किसानों के लिए चिंताजनक स्थिति सभी ओर से है, फिर चाहे ईंधन की कीमत हो या यूरिया की, ये सब उन्हें सीधे प्रभावित कर रहे हैं।
उनके मुताबिक, "तीन कृषि कानून (जो वापस लिए जा चुके हैं) किसानों के लिए नहीं थे, बल्कि किसानों पर हमला करने के लिए हथियार थे।" भारत जोड़ो यात्रा के संदर्भ में वह आगे बोले- भगवद् गीता में कहा गया है कि अपना कर्म करते रहो, जो होना है वह होगा, फल की चिंता नहीं करो।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ‘तपस्या’ का संगठन है, जबकि भाजपा ‘पूजा का संगठन’ है। भाजपा और आरएसएस चाहते हैं कि लोग जबरन उनकी पूजा करें। भाजपा और आरएएस कहते हैं कि ‘तपस्या’ का कोई सम्मान नहीं होना चाहिए, लेकिन जो उनकी ‘पूजा’ करते हैं केवल उन्हीं का सम्मान होना चाहिए।
