गुरुग्राम

विदेशी नस्ल के इन कुत्तों को पालने से पहले पढ़ लें ये खबर, गुड़गांव में 11 ब्रीड पर लग गया है बैन

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Nov 18, 2022, 12:34 PM IST

Ban on pet dogs in Gurugram : गुड़गाव में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) को विदेशी नस्ल के 11 कुत्तों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया है। आयोग ने एमसीजी को इन कुत्तों को अपने अधीन लेने और उनका रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए कहा है।

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आयोग ने इन विदेशी नस्ल के कुत्तों के पालने पर बैन लगा दिया है।

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
  • जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) को निर्देश जारी किया है
  • आयोग ने विदेशी नस्ल के इन 11 कुत्तों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने और उन्हें अपनी कस्टडी में लेने का निर्देश दिया है
  • कुत्तों के मालिकों ने आयोग के इस फरमान को बेतुका और तानशाही बताया है, निर्देश का लोग कर रहे विरोध

Ban on pet dogs : जानवरों से लगाव एवं प्रेम के चलते लोग उन्हें पेट्स के रूप में पालते हैं तो कुछ लोग इनके जरिए अपना रसूख दिखाते हैं। हाल के वर्षों में विदेशी नस्ल के कुत्ते पालने का चलन बढ़ा है। साथ ही इन विदेशी नस्ल के कुत्तों के हमलों के मामले भी बढ़े हैं। कई जगहों पर कुत्तों के हमलों लोगों की जान गई है तो कहीं लोग घायल हुए। विदेशी कुत्तों की इन आक्रामकता को देखते हुए इन पर रोक लगाने की मांग उठी। बढ़ते खतरों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हुआ।

विदेशी नस्ल के 11 कुत्तों पर प्रतिबंध

गुड़गाव में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) को विदेशी नस्ल के 11 कुत्तों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया है। आयोग ने एमसीजी को इन कुत्तों को अपने अधीन लेने और उनका रजिस्ट्रेशन रद्द करने के लिए कहा है। आयोग के इस फरमान के बाद इन कुत्तों के मालिक असमंजस और पसोपेश में हैं। विदेशी नस्ल के कुत्तों के मालिकों ने इस फरमान को बेतुका और तानाशाही बताया है।

आयोग ने केंद्र की अधिसूचना का हवाला दिया

वहीं आयोग ने अपने इस फैसले के लिए केंद्र सरकार की 2016 की एक अधिसूचना का हवाला दिया है। आयोग के मुताबिक इस अधिसूचना के आधार पर अमेरिकन पिटबुल टेरियर्स, डोगो अर्जेंटिनो, रॉटवेलर, नियोपोलिटन मैस्टिफ, बोएरबोएल, प्रेसा कनारियो, वोल्फ डॉग, बैंडॉग, अमेरिकन बुलडोग, फिला ब्रासिलेरियो एवं केन कोर्सो पर तत्काल प्रभाव से बैन लगाया जाता है।

पेट डॉग के हमले में महिला घायल हुई थी

गत अगस्त में गुड़गांव में पेट डॉग के हमले में एक महिला घायल हो गई थी। इस महिला के लिए दो लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा करते हुए आयोग ने नगर निगम को निर्देश जारी किया है। इस निर्देश में पेट डॉग का पंजीयन अनिवार्य किया गया है। साथ ही एक परिवार अपने घर में एक ही पालतू कुत्ते को रख सकेगा। सार्वजनिक जगहों पर पेट डॉग के मुंह के अगले हिस्सा पर नेट कैप लगा होना चाहिए। आयोग ने एमसीजी को सभी आवारा कुत्तों को अपने हिरासत में लेने और डॉग पान्ड्स में रखने का निर्देश दिया।

आयोग के फरमान को तानाशाही बताया

रिपोर्टों के मुताबिक दो रॉटवेलर्स कुत्तों को पालने वाले सेक्टर 46 निवासी जितिन राव का कहना है कि आयोग का फरमान अजीब है। उन्होंने कहा कि वह इन दोनों कुत्तों को अपने बेटों की तरह पाला है। कोई मेरे एक कुत्ते को कैसे ले सकता है।

नोएडा डॉग अटैक पॉलिसी लागू करने के लगा पहला जुर्माना

नोएडा में डॉग अटैक पॉलिसी लागू करने के बाद लगाया गया। पहली बार यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी द्वारा कार्तिक गांधी पर की गई। कार्तिक गांधी को 7 दिनों के अंदर जुर्माने की रकम प्राधिकरण के खाते में जमा करानी होगी।कार्तिक गांधी को दिए गए नोटिस के अनुसार बच्चे का इलाज का खर्च भी उसे उठाना पड़ेगा। यह मामला ला रेजिडेंशिया सोसाइटी का है जिसमें बच्चे को सोसायटी के लिफ्ट में पालतू डॉगी ने अटैक कर उसे घायल कर दिया था

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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