Gurugram News: मेरठ की तर्ज पर दिल्ली के सराय रोहिल्ला से गुरुग्राम होते हुए राजस्थान के निमराना तक नमो भारत ट्रेन के ट्रैक पर साथ भविष्य में मेट्रो भी दौड़ेगी। बता दें कि इस रूट के संशोधित डीपीआर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि मई महीने के पहले सप्ताह में सीएम की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी, जिसमें हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एनसीआरटीसी के अधिकारी भी मौजूद थे। इस बैठक के दौरान जारी आदेशों को हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन द्वारा जारी किया गया।
नमो भारत के ट्रैक पर चलेगी मेट्रो
सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान कहा गया था कि मेरठ में निर्मित नमो भारत ट्रेन के ट्रैक की तर्ज पर दिल्ली से हरियाणा होते हुए राजस्थान तक का ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। इस ट्रैक पर नमो भारत के बाद मेट्रो चलाने की योजना भी बनाई गई है। स्टेशन को इसी तर्ज पर डिजाइन किया जाएगा। इसी योजना को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के सराए रोहिल्ला से हरियाणा होते हुए राजस्थान के निमराना तक चलने वाली नमो भारत का संशोधित डीपीआर तैयार किया गया है।
दिल्ली से राजस्थान तक बनेंगे 16 स्टेशन
बता दें कि दिल्ली से राजस्थान के निमराना तक बनने वाले नमो भारत स्टेशन ट्रेन के 16 स्टेशन बनाए जाने की योजना है। करीब 105 किलोमीटर लंबी इस ट्रेन के लिए 34,299 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस लागत का 7342 करोड़ रुपये का खर्च हरियाणा सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।
मेट्रो के अगल कॉरिडोर की नहीं जरूरत
एनसीआरटीसी के प्रवक्ता पुनीत वत्स ने कहा कि मेट्रो के लिए एक अलग कॉरिडोर की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरठ आरआरटीएस सिस्टम के जैसे ही उन इलाकों में मेट्रो चलाई जाएगी, जहां आबादी घनी है। उन्होंने आगे कहा कि यह पहली बार होगा कि आरआरटीएस कॉरिडोर में मेट्रो का संचालन किया जा रहा है। इस पर एनसीआरटीसी के अधिकारी ने कहा की घनी आबादी वाले कॉरिडोर में मेट्रो संचालन संभव है।
40 हेक्टेयर जमीन पर विचार कर रही हरियाणा सरकार
दिल्ली, हरियाणा में नमो भारत ट्रेन ट्रैक को लेकर हरियाणा से 40 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। इस संदर्भ में हरियाणा सरकार ने डिपो तैयार करने के लिए 40 हेक्टेयर जमीन देने पर विचार करने की बात कही है। लेकिन इसमें एक शर्त भी है। शर्त ये है कि जमीन हरियाणा सरकार के नाम पर रहेगी। इतना ही नहीं बेसमेंट और भूतल पर एनसीआरटीसी की तरफ से डिपो चलाया जाएगा और उसके ऊपर हरियाणा सरकार द्वारा व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही साथ टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही एसीआरटीसी को जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी।
