हरियाणा के गुरुग्राम से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दंपति ने एक नामी आईवीएफ (IVF) सेंटर पर उनका बच्चा बदलने (Child Swap) का गंभीर आरोप लगाया है। डीएनए (DNA) टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद बच्चे के असली माता-पिता होने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है और कोर्ट के आदेश से ही कानून कार्रवाई हो रही है।
शिकायतकर्ता को कैसे हुआ शक?
इस मामले में शिकायतकर्ता राहुल राठौर का कहना है, "...हमारा एग रिट्रीवल (अंडे निकालना) और सीमेन कलेक्शन (शुक्राणु लेना) 13 फरवरी को हुआ था, और 14 मई को भ्रूण को वापस ट्रांसफर किया गया था। जब 5 जनवरी को बच्चों का जन्म हुआ, तो छोटा बच्चा बिल्कुल अलग दिख रहा था और उसका चेहरा परिवार में किसी से भी नहीं मिल रहा था।"
कोर्ट के आदेश पर FIR
राहुल ने आगे बताया, "इस शक की वजह से हमने डीएनए (DNA) टेस्ट करवाया। रिपोर्ट आई तो हम दंग रह गए, क्योंकि वह बच्चा मैटरनिटी (मां) और पेटरनिटी (पिता) दोनों के टेस्ट में फेल हो गया, यानी वह जैविक रूप से हमारा बच्चा नहीं है। पिछले करीब 3 महीने से हम एफआईआर दर्ज कराने के लिए अधिकारियों और पुलिस विभाग के चक्कर काट रहे थे, लेकिन हमारी शिकायत दर्ज नहीं की गई। आखिरकार कोर्ट ने दखल दिया और अदालत के निर्देश पर एफआईआर दर्ज हुई। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि अगले ही दिन जांच पर स्टे लगा दिया गया।"
पीड़ित पिता ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "...इतने सारे इंजेक्शन और अनगिनत टेस्ट करवाने के बाद, और अस्पताल का कम से कम 5 से 6 लाख रुपये का बिल भरने के बाद—अगर बच्चा हमसे नहीं मिल रहा था और हम एक और टेस्ट करवाना चाहते थे, तो हम ऐसा क्यों नहीं करते? यह हमारा हक है।"
