Gujarat Rain: गुजरात में इस बार मानसून की शुरुआत बेहद आक्रामक रही है। राज्य के आसमान पर एक या दो नहीं, बल्कि एक साथ पांच-पांच मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, ट्रफ, शियर जोन, लो प्रेशर एरिया, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक साथ एक्टिव होने की वजह से पूरे राज्य में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की है।
दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के इलाकों में कुदरत का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, तापी, डांग और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा वडोदरा, पोरबंदर, जूनागढ़, भावनगर और गिर सोमनाथ में भी हालात बिगड़ने की आशंका जताई गई है। राजकोट और अमरेली में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है, जबकि अहमदाबाद में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर बने दक्षिणी कमान के नए चीफ, युद्ध स्मारक पर दी शहीदों को श्रद्धांजलि
अमरेली में पहली ही बारिश में बह गईं बकरियां
इस बीच, अमरेली जिले (Amreli Flood) के राजुला से डराने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। यहां के चोत्रा गांव में पहली ही तेज बारिश ने रायडी नदी को समंदर बना दिया। नदी में अचानक 'घोड़ापूर' (बाढ़) जैसी स्थिति पैदा हो गई और पानी दोनों किनारों को तोड़कर बहने लगा। इसी दौरान धकड़ाभाई नाम के एक पशुपालक की 15 से 20 बकरियां नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गईं।
रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पशुपालक को निकाला गया बाहर
अपनी बकरियों को डूबता देख जब चरवाहा उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरा, तो वह खुद भी बहने लगा। वहां मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पशुपालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, बकरियों को नहीं बचाया जा सका। इस खौफनाक मंजर को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे जमा हो गए थे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें।
