Gujarat Weather: गुजरात में सक्रिय चार मौसम प्रणालियों के असर से आज भी कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) गुजरात के निदेशक ए.के. दास ने बताया कि पहले डिप्रेशन अब कमजोर होकर वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल गया है, लेकिन इसके प्रभाव से राज्य में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने अहमदाबाद समेत कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि मछुआरों को 1 और 2 अगस्त को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। ए.के. दास के मुताबिक, वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया फिलहाल दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे लगे क्षेत्रों पर स्थित है। इससे जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर तक फैला हुआ है। इसके अलावा मानसून ट्रफ इस सिस्टम से होते हुए सिद्धि, देहरी, मालदा और आगे मणिपुर तक विस्तृत है। एक अन्य ट्रफ इस साइक्लोनिक सर्कुलेशन से उत्तर-पूर्व बिहार तक 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैली हुई है। दक्षिण गुजरात से केरल तट तक सक्रिय ऑफ-शोर ट्रफ भी राज्य के मौसम को प्रभावित कर रही है।
रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। शनिवार को भी कई इलाकों में छिटपुट भारी बारिश का अनुमान है। सुरेंद्रनगर, राजकोट, मोरबी, भावनगर और बोटाद के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। अहमदाबाद में भी अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड वार्निंग जारी की गई है। इसके अलावा बनासकांठा, पाटन, महिसागर, साबरकांठा, गांधीनगर, अरावली, खेड़ा, आनंद और भरूच के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के जामनगर, अमरेली और कच्छ भी ऑरेंज अलर्ट के दायरे में हैं। डांग और तापी को छोड़कर गुजरात के अधिकांश अन्य जिलों तथा सौराष्ट्र-कच्छ के पश्चिमी तटीय हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
तटीय इलाकों में दक्षिण-पश्चिम से पश्चिम दिशा की तेज हवाएं चलने का अनुमान है। स्क्वॉली मौसम के दौरान हवा की रफ्तार 25 से 30 नॉट और झोंकों की गति 35 नॉट तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने 2 अगस्त के लिए पूरे गुजरात तट पर मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। इस दौरान 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। दोनों तटीय क्षेत्रों के बंदरगाहों पर LC-3 चेतावनी संकेत फहराया गया है। अहमदाबाद के लिए आज सामान्यतः बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ कुछ समय के लिए भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
अब तक 439.9 मिमी बारिश दर्ज की गई
मौसम विभाग के अनुसार, इस मानसून सीजन में गुजरात में अब तक 439.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 380.9 मिमी की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। गुरुवार को राज्य के सात मौसम केंद्रों पर असाधारण (Exceptional) और 13 केंद्रों पर अत्यधिक (Extreme) बारिश दर्ज की गई। सुरेंद्रनगर में 149.6 मिमी बारिश के साथ यह अब तक की पांचवीं सबसे अधिक वर्षा रही, जबकि भावनगर जिले के महुवा में 93.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो अगस्त महीने की तीसरी सबसे अधिक वर्षा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की भी चेतावनी जारी की है।
चार प्रमुख मौसम प्रणालियां सक्रिय
प्रश्नोत्तर सत्र में ए.के. दास ने बताया कि फिलहाल गुजरात को प्रभावित करने वाली चार प्रमुख मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि अगस्त और सितंबर के लिए जारी मौसमी पूर्वानुमान में राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश (Below Normal Rainfall) की संभावना जताई गई है। हालांकि, मध्य गुजरात के अत्यंत पूर्वी हिस्सों में सामान्य से अधिक या सामान्य बारिश होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'बिलो नॉर्मल' का अर्थ बारिश में तय प्रतिशत की कमी नहीं है, बल्कि यह केवल सामान्य से कम बारिश होने की संभावना (Probability) को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने बताया कि फिलहाल एल-नीनो मध्यम (Moderate) स्थिति में है और मॉडल के अनुसार इसके और मजबूत होने की संभावना है, जबकि हिंद महासागर द्विध्रुव (Indian Ocean Dipole-IOD) फिलहाल न्यूट्रल स्थिति में बना हुआ है।
